धाराशिव में उपवास की भगर खाने से 25 से ज्यादा भक्त बीमार, सैंपल FDA को भेजे गए
धाराशिव में उपवास की भगर खाने के बाद 25 से ज्यादा देवीभक्तों को विषबाधा हो गई। सोमवार (19 तारीख) की रात बेंबळी ग्रामीण अस्पताल और आळणी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में विषबाधा के लक्षणों वाले मरीज बड़ी संख्या में पहुंचे। इससे भक्तों और उनके रिश्तेदारों में चिंता फैल गई।
बेंबळी ग्रामीण अस्पताल में सोमवार शाम पांच बजे से रात नौ बजे के बीच भगर से विषबाधा के शक वाले 11 मरीज भर्ती हुए। इनमें से एक की हालत गंभीर थी, इसलिए उसे आगे के इलाज के लिए धाराशिव जिला अस्पताल भेजा गया। चार मरीजों को इलाज के बाद घर भेज दिया गया। बाकी मरीजों का इलाज मेडिकल अफसरों की निगरानी में चल रहा था।
आळणी में भी सोमवार रात ऐसा ही मामला हुआ। भगर खाने के बाद विषबाधा के लक्षण दिखने पर 15 मरीज प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती हुए। उन्हें आगे के इलाज के लिए धाराशिव के अस्पताल भेजा गया।
कुछ भक्तों को भगर खाने के बाद मितली, उल्टी और नजर कमजोर होने जैसे लक्षण महसूस हुए। इसके बाद उन्हें अस्पतालों में भर्ती कराया गया। बेंबळी ग्रामीण अस्पताल के मेडिकल अफसर डॉ. दिनेश डंबळे, अधिपरिचारिका तृप्ती खोत और दूसरे स्टाफ ने मरीजों का इलाज किया। आळणी में मेडिकल अफसर डॉ. गुळवे ने मरीजों को फौरन मेडिकल सेवा दी और आगे के इलाज के लिए जिला अस्पताल भेजा।
घटना की खबर मिलते ही जिला स्वास्थ्य विभाग ने मेडिकल टीमें भेजकर हालात पर नजर रखी। संबंधित दुकान से भगर के सैंपल लेकर जांच के लिए अन्न व औषध प्रशासन यानी FDA को भेजे गए हैं। दुकान में बची हुई भगर न बेचने की हिदायत भी दी गई है।
जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सतीश हरिदास ने कहा, "इससे पहले तुळजापुर तालुका में भी इसी तरह विषबाधा के दो मामले मिले थे। तुळजापुर, बेंबळी और आळणी की भगर के सैंपल अन्न व औषध प्रशासन को भेजे गए हैं। मरीजों की तबीयत और हालात पर मेडिकल अफसर और स्टाफ नजर रखे हुए हैं।"
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