शुक्रवार, 6 नवंबर 2026

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धनतेरस पर सोना लेना है तो गहने, सिक्के या गोल्ड ETF में से क्या चुनें

कारोबार PT24 टीम

धनतेरस और दिवाली के मुहूर्त पर सोना खरीदने से पहले जानिए कि गहने, सिक्के, गोल्ड ETF और SGB में से कौन सा रास्ता किसके लिए ठीक बैठता है।

भारत में खास मुहूर्त पर सोना खरीदने का चलन है, और धनतेरस के दिन सोना लेना तो भारतीय परिवारों की बहुत पुरानी परंपरा है। इस दिन बहुत से लोग सोने के गहने, सिक्के या सोने के बिस्कुट खरीदते हैं। लेकिन वक्त के साथ सोने में निवेश करने का तरीका भी बदल गया है। अब सिर्फ सराफा की दुकान पर जाकर ही सोना नहीं खरीदा जाता।

बाजार में अब गोल्ड ETF और सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड जैसे विकल्प भी मौजूद हैं। इसलिए अगर आप धनतेरस या दिवाली के मुहूर्त पर सोना लेने की सोच रहे हैं, तो पहले देख लीजिए कि आपके बजट के हिसाब से कौन सा विकल्प सही रहेगा।

सबसे पहले सिक्कों की बात। अगर आपको त्योहार पर मुहूर्त के नाम पर सोना तो लेना है, पर गहने नहीं चाहिए, तो सोने के सिक्के अच्छा विकल्प हो सकते हैं। आम तौर पर गहनों के मुकाबले सिक्कों पर प्रीमियम कम लगता है। पर खरीदते समय शुद्धता, प्रमाणीकरण और व्यापारी की बायबैक पॉलिसी जरूर जांच लें। बेचते वक्त कुछ कटौती हो सकती है, इस पर भी ध्यान रखना जरूरी है।

ज्यादातर लोग धनतेरस पर सोने के गहने खरीदना पसंद करते हैं। मगर अगर आपका इकलौता मकसद निवेश करना है, तो गहनों को फायदे का सौदा नहीं माना जाता। वजह है घड़ावन शुल्क और GST, जो गहने बनवाते समय अलग से भरने पड़ते हैं। बाद में जब आप गहने बेचते हैं, तो ये दोनों रकम वापस नहीं मिलतीं। ऊपर से सोने की शुद्धता की जांच और दूसरी कटौतियों की वजह से दाम कम मिल सकता है। इसलिए गहने उन लोगों के लिए ठीक हैं जो उन्हें पहनने या किसी को तोहफे में देने के लिए खरीद रहे हैं।

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड यानी SGB पहले निवेशकों में काफी लोकप्रिय थे। इनमें सोने की कीमत से जुड़े रिटर्न के साथ तयशुदा ब्याज दर भी मिलती थी। लेकिन सरकार ने फरवरी 2024 से कोई नई SGB सीरीज जारी नहीं की है। नतीजा यह कि निवेशक अब नई सरकारी योजना के जरिए इन्हें सीधे नहीं खरीद सकते। फिलहाल पुराने बॉन्ड सेकेंडरी बाजार में मिल सकते हैं। उन्हें खरीदने से पहले उनकी कीमत, लिक्विडिटी और मियाद देख लेना जरूरी है।

जो लोग असली सोना खरीदे बिना उसकी कीमत के उतार-चढ़ाव का फायदा लेना चाहते हैं, उनके लिए गोल्ड ETF काम का विकल्प है। इनकी खरीद-बिक्री शेयर बाजार में डीमैट और ट्रेडिंग खाते के जरिए की जा सकती है। इसमें घर पर सोना रखने या उसकी हिफाजत की फिक्र नहीं करनी पड़ती, और घड़ावन शुल्क भी नहीं लगता। हां, फंड का खर्च अनुपात, ब्रोकरेज और ट्रांजैक्शन चार्ज निवेशकों को जरूर देखने चाहिए। गोल्ड ETF की कीमत और असली सोने की कीमत में थोड़ा फर्क भी हो सकता है।

जानकारों के मुताबिक सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव को देखते हुए निवेशकों को पूरी रकम एक ही बार में नहीं लगानी चाहिए। इसके बजाय अलग-अलग समय पर छोटी-छोटी खरीद करना बेहतर तरीका हो सकता है। एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर के मुताबिक निवेश का फैसला लेते समय कीमत, लिक्विडिटी और पूरा पोर्टफोलियो ध्यान में रखना चाहिए।

कुल मिलाकर, निजी इस्तेमाल के लिए गहने, असली सोना रखने के लिए सिक्के और सोने की कीमत में निवेश के लिए ETF उपयोगी विकल्प हो सकते हैं। सही चुनाव आपकी जरूरत और निवेश के लक्ष्य पर निर्भर करता है।

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