ह्युंदाई ग्राहकों को ड्राइविंग स्कोर पर कार इन्शुरन्स प्रीमियम में 15% तक बचत का मौका
ह्युंदाई मोटर इंडिया की नई Bluelink Usage-Based Insurance सुविधा में पिछले 3 महीने की ड्राइविंग के आधार पर Own-Damage प्रीमियम पर 15% तक की बचत हो सकती है।
ह्युंदाई मोटर इंडिया ने Hyundai Bluelink Usage-Based Insurance नाम की नई सुविधा शुरू की है। इसमें पात्र ग्राहकों को उनके गाड़ी चलाने के तरीके के हिसाब से मोटर इन्शुरन्स के Own-Damage प्रीमियम पर 15% तक की बचत मिल सकती है। कंपनी ने यह सुविधा 5 नवंबर 2026 को घोषित की। इसका फायदा Bluelink कनेक्टिविटी वाली चुनिंदा गाड़ियों के इन्शुरन्स रिन्यूअल के वक्त लिया जा सकेगा।
एक बात साफ रहे कि यह छूट पूरे इन्शुरन्स बिल पर नहीं है। यह सिर्फ Own-Damage प्रीमियम वाले हिस्से पर लागू होती है।
इस सुविधा में गाड़ी की पिछले 3 महीने की ड्राइविंग का हिसाब देखा जाता है। तेजी से एक्सेलरेशन करना, अचानक ब्रेक लगाना, स्पीड कंट्रोल, अचानक गाड़ी की रफ्तार घटाना और इंजन चालू रखकर गाड़ी खड़ी करना, ये सारी आदतें ड्राइविंग स्कोर पर असर डालती हैं। Bluelink सिस्टम कार से यह जानकारी इकट्ठा करता है। इसके बाद इस योजना में शामिल इन्शुरन्स कंपनियां प्रीमियम तय करते वक्त इस स्कोर को ध्यान में रखती हैं।
ड्राइविंग स्कोर की पात्रता 70 से शुरू होती है। जिन ड्राइवरों का स्कोर 70 या उससे ज्यादा है, उन्हें छूट मिलने की संभावना रहती है। लेकिन हर किसी को 15% डिस्काउंट मिल ही जाए, ऐसा जरूरी नहीं। असली छूट कितनी होगी, यह इन्शुरन्स कंपनी के नियमों और उसके मूल्यांकन पर तय होता है। स्कोर कम हो तो Bluelink ऐप में ड्राइविंग सुधारने के लिए पर्सनल सुझाव मिल सकते हैं।
उदाहरण के तौर पर, अगर Own-Damage प्रीमियम Rs 10,000 है, तो 15% की छूट से Rs 1,500 की बचत हो सकती है। मगर थर्ड-पार्टी इन्शुरन्स और बाकी खर्चों पर यह छूट लागू नहीं होती।
सुविधा का फायदा कौन ले सकता है, इसकी शर्त भी है। Bluelink कनेक्टिविटी वाली पात्र ह्युंदाई गाड़ी का इन्शुरन्स अगले 90 दिनों में रिन्यू होना हो, तो ग्राहक अपनी पात्रता जांच सकते हैं। स्कोर देखने के बाद उसे इन्शुरन्स कंपनी के साथ शेयर करने के लिए ग्राहक की सहमति जरूरी है। Bluelink ऐप का स्कोर ग्राहक की मंजूरी के बाद ही इन्शुरन्स कंपनियों के साथ साझा किया जाएगा। इस पूरे इंतजाम में Hyundai India Insurance Broking बिचौलिए यानी इंटरमीडियरी की भूमिका निभाएगी।
ह्युंदाई की जानकारी के मुताबिक भारत की सड़कों पर 8 लाख से ज्यादा कनेक्टेड कारें चल रही हैं। कंपनी का लक्ष्य 2027 तक 10 लाख और 2030 तक 20 लाख कनेक्टेड कारें बेचने का है। यह कंपनी का लक्ष्य है, अभी का आंकड़ा नहीं।
इन्शुरन्स चुनते वक्त सिर्फ डिस्काउंट देखना ठीक नहीं है। कुल प्रीमियम, IDV, डिडक्टिबल्स और पॉलिसी में मिलने वाली सुरक्षा भी जांचना जरूरी है।
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