दशहरे की छुट्टी के बाद सोने-चांदी के भाव पर नज़र, IBJA पर 24 कैरेट 145944 रुपये
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
दशहरे की छुट्टी के बाद बुधवार 21 अक्टूबर को सराफा बाज़ार में कारोबार फिर शुरू हुआ है। ग्राहकों और निवेशकों की नज़र इसी पर है कि आज सोने और चांदी के दाम किस तरफ जाते हैं। जानकारों ने पहले बताया था कि त्योहार की वजह से देश के बाज़ार में सोने की मांग में सुधार हुआ है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय बाज़ार की हलचल का असर भी कीमतों पर पड़ रहा है।
दशहरे के कारण मंगलवार 20 अक्टूबर को सराफा बाज़ार बंद था, इसलिए उस दिन नियमित कारोबार के हिसाब से सोने की कीमतों में कोई बदलाव दर्ज नहीं हुआ। ऐसे में आज के रेट को समझने के लिए छुट्टी से पहले के बाज़ार भाव और अंतरराष्ट्रीय हालात को देखना ज़रूरी होगा।
छुट्टी से पहले मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर 24 कैरेट सोने का वायदा भाव 0.42% गिरकर 1,47,300 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया था। इसमें 618 रुपये की गिरावट दर्ज हुई थी। पिछले कारोबारी दिन यह भाव 1,47,918 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। उसी दौरान चांदी का भाव 2,11,351 रुपये प्रति किलो था। कुछ बाज़ार रिपोर्टों में सोने का भाव 1,48,085 रुपये प्रति 10 ग्राम भी बताया गया था। ये दाम अलग-अलग बाज़ारों और कारोबार के तरीकों के फर्क से बदल सकते हैं। आज के असली रेट बाज़ार चलने के बाद ही साफ होंगे।
IBJA के मुताबिक सुबह का रेट इस तरह है: 24 कैरेट सोना 145944 रुपये प्रति 10 ग्राम, 22 कैरेट 133685 रुपये प्रति 10 ग्राम, 18 कैरेट 109458 रुपये प्रति 10 ग्राम और 14 कैरेट 85377 रुपये प्रति 10 ग्राम।
शहरों की बात करें तो 24 कैरेट सोने का आज का भाव मुंबई, पुणे, नाशिक, नागपुर, कोल्हापुर, सांगली, जलगांव और छ. संभाजीनगर, सब जगह 146080 रुपये प्रति 10 ग्राम है।
HDFC सिक्योरिटीज़ के वरिष्ठ जिंस विश्लेषक सौमिल गांधी के मुताबिक त्योहारों का सीज़न शुरू होने से खुदरा बाज़ार में सोने की मांग सुधरी थी। अंतरराष्ट्रीय बाज़ार के सकारात्मक रुख से छुट्टी से पहले सोमवार को देश के बाज़ार में सोने की कीमतों को सहारा मिला था। गांधी का कहना है कि कीमतें गिरने से गहनों की खरीद को बढ़ावा मिला। उन्होंने यह भी बताया कि पिछले हफ्ते तीन महीने से ज़्यादा वक्त के बाद पहली बार देश के बाज़ार में असली सोने का सौदा प्रीमियम पर हुआ। दिवाली देश का बड़ा त्योहार है, इसलिए उससे पहले सोने की खुदरा मांग और बढ़ने की संभावना है, जिससे घरेलू बाज़ार को सहारा मिल सकता है।
ओम्निसाइंस कैपिटल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विकास गुप्ता के मुताबिक त्योहार और शादियों का मौसम सोने की मांग के लिए अच्छा रहता है और इस दौरान घरेलू कीमतों में कुछ बढ़त हो सकती है। लेकिन अमेरिका के फेडरल रिज़र्व के ब्याज दरों से जुड़े फैसलों की वजह से वैश्विक बाज़ार में सोने पर दबाव रह सकता है। उनके अंदाज़े में त्योहारों के दौरान सोने के भाव में सीमित बढ़त दिख सकती है और उसके बाद कीमतें स्थिर रह सकती हैं। उनका कहना है कि सिर्फ त्योहारी मांग से सोने के भाव की दिशा तय नहीं की जा सकती।
ब्रोकरेज मंच लेमन के रिसर्च प्रमुख गौरव गर्ग ने कहा कि कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और अमेरिकी बॉन्ड के रिटर्न में गिरावट से महंगाई की चिंता कुछ कम हुई। इससे सोने-चांदी जैसी कीमती धातुओं को सहारा मिला। फिर भी अंतरराष्ट्रीय बाज़ार के बदलाव, डॉलर की स्थिति, ब्याज दरों और निवेशकों की मांग के हिसाब से इनके भाव ऊपर-नीचे हो सकते हैं।
सोना खरीदने जा रहे लोग छुट्टी से पहले के भाव को आज का आखिरी भाव न मानें, क्योंकि बाज़ार चलने पर ही नई दिशा साफ होगी। गहने लेते वक्त 22 कैरेट या 24 कैरेट की शुद्धता के हिसाब से रेट जांचें। साथ ही बनवाई (मेकिंग चार्ज), वस्तु एवं सेवा कर और दूसरे लागू शुल्कों की जानकारी भी ले लें।
कमेंट
अभी कोई कमेंट नहीं। पहले आप लिखिए।