मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026

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20:40 IST

चंद्रपुर जिला अस्पताल के शिविर में 140 बच्चों की दिल की जांच, 37 सर्जरी के लायक

चंद्रपुर जिला अस्पताल में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत बच्चों का मुफ्त इको शिविर लगा।

चंद्रपुर जिला अस्पताल के शिविर में 140 बच्चों की दिल की जांच, 37 सर्जरी के लायक
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

चंद्रपुर जिला अस्पताल में बच्चों के लिए मुफ्त इको शिविर लगाया गया। यह शिविर राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK) और जिला अतिशीघ्र निदान केंद्र (DEIC) ने मिलकर आयोजित किया। शिविर में 140 बच्चों के दिल की जांच की गई।

जांच के नतीजों के मुताबिक 37 बच्चे सर्जरी और सर्जरी से पहले की जांच के लिए पात्र पाए गए। 55 बच्चों को नियमित फॉलोअप पर रखा गया है। वहीं 48 बच्चों की 2डी इको रिपोर्ट सामान्य आई।

राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत बच्चों में जन्मजात खामियों और बीमारियों का जल्दी पता लगाने के लिए अलग-अलग खास स्वास्थ्य शिविर लगाए जाते हैं। मकसद यह है कि बच्चों को जरूरी इलाज, रेफरल सेवा, सर्जरी और नियमित फॉलोअप मिल सके। दिल की बीमारी वाले बच्चों के लिए यह शिविर इसी सिलसिले की एक कड़ी था।

शिविर का उद्घाटन जिला शल्य चिकित्सक डॉ. बंडू रामटेके और जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अशोक कटारे ने किया। मुंबई के किम्स हॉस्पिटल के हृदयरोग विशेषज्ञ डॉ. एल. श्रीनिवास और डॉ. सोनिया करापूरकर ने अपनी मेडिकल टीम के साथ बच्चों की बारीकी से जांच की।

जांच के बाद माता-पिता को बीमारी के स्वरूप, आगे के इलाज की जरूरत और सर्जरी के बारे में मेडिकल सलाह दी गई। जरूरत के हिसाब से बच्चों को दवा, आगे की जांच और इलाज को लेकर भी माता-पिता को जानकारी दी गई।

बताया गया कि बच्चों में मिलने वाली जन्मजात दिल की बीमारी समेत कई बीमारियों का वक्त पर पता चल जाए, तो जरूरी इलाज और रेफरल सेवा जल्दी मिल सकती है। इसी वजह से राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत नियमित स्वास्थ्य जांच के साथ जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञ डॉक्टरों की जांच और खास शिविरों पर जोर दिया जा रहा है।

इस कार्यक्रम में जन्मजात खामियां, बचपन की बीमारियां, विटामिन और सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी और विकास में देरी का जल्दी पता लगाया जाता है। जिन बच्चों में ऐसी दिक्कत मिलती है, उन्हें दवा, विशेषज्ञ के पास रेफरल, जरूरी सर्जरी और नियमित फॉलोअप की सेवाएं दी जाती हैं।

इस शिविर से दिल की बीमारी वाले बच्चों को जिले में ही विशेषज्ञ डॉक्टरों से जांच की सुविधा मिली। जिन बच्चों को सर्जरी की जरूरत है, उनकी वक्त पर पहचान हो जाने से आगे के इलाज के लिए सही रेफरल और सलाह देना आसान हुआ। जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अशोक कटारे ने जानकारी दी कि जिले के बच्चों को अच्छी गुणवत्ता की स्वास्थ्य और रेफरल सेवा देने के लिए ऐसे खास शिविर आगे भी लगातार आयोजित किए जाएंगे।

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