चंदनखेडा में बिना डिग्री का दवाखाना, छह-सात साल बाद पड़ी धाड़
भद्रावती तालुका के चंदनखेडा में स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने एक दवाखाने पर धाड़ डाली। मेडिकल योग्यता या लाइसेंस के कागज नहीं मिले, Rs 8,203 की दवाइयां जब्त हुईं।
चंद्रपुर जिले के भद्रावती तालुका में आने वाले चंदनखेडा में स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने 19 अक्टूबर 2026 को एक दवाखाने पर छापा मारा। कार्रवाई की जानकारी के मुताबिक संबंधित व्यक्ति के पास मेडिकल योग्यता और लाइसेंस के कागजात नहीं मिले। इस मामले में भद्रावती पुलिस स्टेशन में अलग-अलग धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
बताया गया है कि चंदनखेडा में बिना किसी अधिकृत मेडिकल योग्यता या लाइसेंस के पिछले छह से सात साल से अस्पताल चलाया जा रहा था और मरीजों का इलाज किया जा रहा था। संयुक्त टीम ने इस पर सख्त कार्रवाई की है। भद्रावती पुलिस स्टेशन में महाराष्ट्र चिकित्सा व्यवसायी अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता की अलग-अलग धाराओं में मामला दर्ज हुआ है। कार्रवाई के बाद ग्रामीण इलाके के स्वास्थ्य क्षेत्र और पूरे परिसर में हलचल मच गई है।
कार्रवाई की पृष्ठभूमि यह है कि अन्न और औषध प्रशासन विभाग की तरफ से तालुका चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजय बापूराव आसुटकर को संबंधित डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई करने के बारे में पत्र मिला था। इसके अलावा चिकित्सा शिक्षा और औषधि द्रव्य विभाग, मंत्रालय, मुंबई के सरकारी आदेश के मुताबिक फर्जी व्यवसायियों पर रोक लगाने के लिए जिला मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता में जिला स्तरीय पुनरीक्षण समिति बनी है। उस समिति के निर्देश पर जिला स्वास्थ्य अधिकारी ने कार्रवाई के आदेश दिए थे।
इन आदेशों के बाद तालुका स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजय बापूराव आसुटकर की अगुवाई में विशेष जांच टीम ने 19 अक्टूबर 2026 को दोपहर साढ़े बारह से साढ़े एक बजे के बीच चंदनखेडा में बिश्वजीत रमाकांत बिस्वास (उम्र 38) के दवाखाने पर अचानक छापा मारा।
छापे के दौरान टीम के अधिकारियों ने बिस्वास से अधिकृत मेडिकल लाइसेंस या योग्यता के बारे में पूछा, तो उसके पास कोई कानूनी कागजात नहीं मिले। पंचों की मौजूदगी में दवाखाने की तलाशी ली गई तो वहां बड़ी मात्रा में आयुर्वेदिक दवाइयां और इलाज से जुड़ा मेडिकल सामान मिला। टीम ने उसी वक्त पंचनामा बनाकर 8 हजार 203 रुपये की दवाइयां और अहम कागजात जब्त कर लिए। आरोपी बिश्वजीत बिस्वास को हिरासत में लिया गया।
तालुका स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजय बापूराव आसुटकर की शिकायत पर भद्रावती पुलिस स्टेशन में बिस्वास के खिलाफ महाराष्ट्र चिकित्सा व्यवसायी अधिनियम 1961 की धारा 33 के साथ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023 की धारा 319(2) और 318(4) के तहत मामला दर्ज किया गया है। मामले की आगे की जांच पुलिस हवालदार पेतरस सिडाम कर रहे हैं।
प्रशासन की तरफ से चेतावनी दी गई है कि बिना लाइसेंस लोगों की जान से खिलवाड़ करने वाले ऐसे फर्जी डॉक्टरों पर आगे भी बेहद सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
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