बारामती में राणा सूर्यवंशी पर हमले की जांच में नए मोड़, तीन लोगों की भूमिका पर चर्चा
बारामती के उद्योगपति राणा सूर्यवंशी पर हुए जानलेवा हमले की जांच में भिगवण, मांजरी और पुणे के तीन लोगों की कथित भूमिका की चर्चा शुरू हुई है। इन दावों की आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है।
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
बारामती तालुका के उद्योगपति राणा सूर्यवंशी पर हुए जानलेवा हमले से इलाके में हड़कंप मचा हुआ है। अब इस मामले की जांच को लेकर नई-नई जानकारियां सामने आ रही हैं। शुरू में जांच हमलावरों और कथित सुपारी के लेन-देन के आसपास घूम रही थी। अब कुछ और लोगों के शामिल होने की चर्चा से उसे अलग मोड़ मिला है।
भिगवण, मांजरी और पुणे इलाके के तीन लोगों की कथित भूमिका को लेकर बातें शुरू हो गई हैं। लेकिन इन दावों की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
यह हमला 18 अक्टूबर को बारामती तालुका के गोजुबावी इलाके में संत तुकाराम महाराज राष्ट्रीय महामार्ग पर पायलट ढाबे के पास हुआ था। राणा सूर्यवंशी पर गोली चलाई गई और धारदार हथियार से भी वार किया गया। इस घटना के बाद बारामती की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठे थे।
इस मामले में पुलिस ने एक नाबालिग आरोपी के साथ पार्थ अवथळे नाम के नौजवान को गिरफ्तार किया। इसके बाद सूर्यवंशी के ड्राइवर ज्ञानदेव महादेव शिंदे को भी पुलिस ने हिरासत में लिया। खबर है कि जांच में शक सामने आया कि शिंदे ने अवथळे को दो लाख रुपये की सुपारी दी थी। आगे की कार्रवाई में स्वप्निल कांबळे को गिरफ्तार किया गया। यह जानकारी भी सामने आई है कि महाडिक नाम के एक शख्स के खिलाफ भी इस मामले में केस दर्ज हुआ है।
हमले के पीछे कुछ और लोगों के शामिल होने की आशंका जताई जा रही है। भिगवण, मांजरी और पुणे के तीन लोगों के कथित संबंधों की चर्चा चल रही है, ऐसी खबर है। मगर इन लोगों की भूमिका असल में क्या है, उनके आपस में क्या संबंध हैं और कथित साजिश की वजह क्या है, यह साफ होना बाकी है। यह साफ तो आधिकारिक जांच से ही होगा।
पुलिस के सामने अब कई बड़ी चुनौतियां हैं। हमले में शामिल सभी लोगों की पूरी कड़ी का पता लगाना है। कथित पैसे के लेन-देन का हिसाब निकालना है। और हमले की असली वजह भी ढूंढनी है।
इस मामले की हर कड़ी अहम बनती जा रही है। इसलिए जांच सिर्फ गिरफ्तार आरोपियों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। इस जुर्म के पीछे के कथित सूत्रधार और बाकी संभावित लोगों की भूमिका भी साफ होना जरूरी है। फिलहाल चर्चा में चल रहे दावों से ज्यादा अहमियत पुलिस के आधिकारिक खुलासे और जांच में मिलने वाले सबूतों की ही रहेगी।
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