बनासकांठा से मोदी ने शुरू किए 12 फलोत्पादन क्लस्टर, नाशिक का जिम्मा प्राइम फ्रेश को
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राष्ट्रीय फलोत्पादन मंडल के क्लस्टर विकास कार्यक्रम के तहत देशभर के 12 मंजूर क्लस्टर का काम शुरू हुआ। नाशिक के सब्ज़ी क्लस्टर के लिए करीब 124 करोड़ रुपये के निवेश की योजना है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के बनासकांठा से राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड (NHB) के 'क्लस्टर विकास कार्यक्रम' के तहत देशभर के 12 मंजूर बागवानी क्लस्टर का असली काम शुरू करवाया। यह केंद्र सरकार के कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय की एक महत्वाकांक्षी पहल है। इन 12 क्लस्टर के जरिए देशभर में 1.46 लाख हेक्टेयर इलाका कवर होगा और 1.3 लाख से ज्यादा किसानों को सीधा फायदा मिलेगा।
इसी अभियान में नाशिक पेरी अर्बन (Peri-Urban) सब्ज़ी क्लस्टर को चलाने वाली Implementing Agency के तौर पर प्राइम फ्रेश लिमिटेड को चुना गया है। यह कंपनी फ्रेश फ्रूट्स एंड वेजिटेबल्स सप्लाई चेन के कारोबार में है। इसी सिलसिले में 30 अक्टूबर 2026 को नाशिक जिले के नांदूर शिंगोटे में एक खास कार्यक्रम रखा गया था। वहां के स्थानीय किसान और दूसरे भागीदार ऑनलाइन जुड़कर राष्ट्रीय शुभारंभ में शामिल हुए। इससे पहले 15 अक्टूबर 2026 को कंपनी ने राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड के साथ अनुदान करार पर दस्तखत किए थे।
विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट के मुताबिक नाशिक क्लस्टर विकास कार्यक्रम के लिए करीब 124 करोड़ रुपये के निवेश की योजना बनी है। इसमें किसान स्तर की गतिविधियां भी हैं और अत्याधुनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर का निर्माण भी। उत्पादन, एकत्रीकरण, कटाई के बाद का मैनेजमेंट, कोल्ड-चेन, प्रोसेसिंग और संगठित बाजार, इन सबको जोड़ने वाला एक एकीकृत कृषि तंत्र खड़ा किया जाएगा।
सुविधाओं की बात करें तो 2 संकलन और एकत्रीकरण केंद्र बनेंगे, साथ में 1 एकीकृत पैकहाउस होगा। 6000 मेट्रिक टन कोल्ड-स्टोरेज और 3000 मेट्रिक टन फ्रोजन-स्टोरेज की क्षमता तैयार की जाएगी। किसानों के लिए 14 फार्म-गेट पैकहाउस और 10 वातानुकूलित गाड़ियां रहेंगी। प्रोसेसिंग में सब्ज़ी फ्रीजिंग, डिहाइड्रेशन और वैल्यू-एडिशन (मूल्यवर्धन) की सुविधाएं होंगी। तकनीक के मोर्चे पर क्वालिटी कंट्रोल सिस्टम, डिजिटल ट्रेसेबिलिटी, फार्म-मैनेजमेंट टेक्नोलॉजी और किसान प्रशिक्षण केंद्र भी बनेगा।
इस प्रोजेक्ट के तहत 10,000 हेक्टेयर इलाके में सीधे खेती की गतिविधियां चलाई जाएंगी। करीब 11,000 से ज्यादा किसानों को आधुनिक तकनीक और ट्रेनिंग का फायदा मिलेगा। प्राइम फ्रेश कंपनी किसानों को अच्छी क्वालिटी के पौधे, आधुनिक खेती के तरीके, सीधे बाजार से जुड़ाव और तकनीकी मदद देगी। इससे खेतों की उपज की बर्बादी घटेगी और पैदावार को सही भाव मिलने में मदद होगी। आने वाले 2 साल में इस नेटवर्क को 10000 से ज्यादा हेक्टेयर और 11000 से ज्यादा किसानों तक फैलाने का लक्ष्य है। भारत सरकार के कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय के तहत आने वाले 'राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड' का इस क्लस्टर को सहयोग मिला है।
प्राइम फ्रेश लिमिटेड के संचालक हिरेन गेलाणी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का शुरू किया यह क्लस्टर विकास कार्यक्रम भारतीय कृषि क्षेत्र को मजबूत करने वाला है। उनके मुताबिक नाशिक क्लस्टर की जिम्मेदारी मिलना प्राइम फ्रेश के लिए एक अहम पड़ाव है। गेलाणी ने बताया कि आधुनिक तकनीक, कोल्ड-चेन और सीधे बाजार का साथ देकर किसानों की आमदनी बढ़ाना, बर्बादी रोकना और भारतीय खेती को वैश्विक स्तर पर मुकाबले के काबिल बनाना कंपनी का मुख्य मकसद है।
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