अत्याचार के मामले में गिरफ्तार आरोपी की हिरासत में चोट के बाद मौत, सोलापुर की घटना से हड़कंप
नाबालिग लड़की पर अत्याचार के आरोप में गिरफ्तार कृष्णा मोहिते की सोलापुर के सरकारी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। परिवार ने गहरी जांच की मांग की है।
नाबालिग लड़की पर अत्याचार के मामले में गिरफ्तार किए गए कृष्णा ज्ञानदेव मोहिते की सोलापुर के सरकारी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। मोहिते 38 साल के थे और करमाला तहसील के बिटरगाव सांगवी के रहने वाले थे। यह घटना शुक्रवार (23 तारीख) को हुई। इसके बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है।
पुलिस हिरासत में रहते हुए लगी चोट के बाद मौत होने से मोहिते के परिवार ने मामले की गहरी जांच की मांग की है। परिवार चाहता है कि इस मौत की पूरी सच्चाई सबके सामने आए।
करमाला पुलिस स्टेशन में कृष्णा मोहिते के खिलाफ नाबालिग लड़की पर अत्याचार का केस दर्ज किया गया था। इस केस की जांच पुलिस निरीक्षक रणजित माने कर रहे थे। पुलिस ने मोहिते को 20 अक्टूबर को गिरफ्तार किया था।
पुलिस ने बताया कि हवालात में रहते हुए मोहिते ने दीवार पर जोर-जोर से सिर पटककर खुद को चोट पहुंचा ली। चोट गंभीर थी, इसलिए उन्हें पहले करमाला उपजिला अस्पताल में भर्ती किया गया। हालत नाजुक होने पर आगे के इलाज के लिए सोलापुर के सरकारी अस्पताल भेजा गया। वहां इलाज चल ही रहा था कि उनकी मौत हो गई।
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तारी के बाद हवालात में मोहिते ने अपना सिर दीवार पर पटका, जिससे गंभीर चोट लगी। उन्हें फौरन अस्पताल ले जाया गया और फिर आगे के इलाज के लिए सोलापुर भेजा गया। लेकिन इलाज के दौरान ही उनकी जान चली गई। इस घटना के हालात और मौत की सही वजह आधिकारिक जांच से ही साफ होगी, और यह साफ होना जरूरी भी है।
पुलिस हिरासत में किसी आरोपी की मौत होने से कई सवाल खड़े हो गए हैं। परिवार का कहना है कि इसकी गहरी जांच होनी चाहिए कि मोहिते की मौत सिर की चोट से हुई या किसी और वजह से। परिवार ने मांग की है कि मौत के पीछे के हालात साफ किए जाएं और सच्चाई सामने लाई जाए।
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