असम में बंधक बनाए गए नागपुर के युवक
15 लाख की मांगी फिरौती, म्युल अकाउंट रैकेट की करतूत, एक आरोपी गिरफ्तार
नागपुर.
म्युल बैंक खाते के चक्कर में फंसे दो युवकों को असम में बंधक बनाकर 15 लाख रुपये की फिरौती मांगने का सनसनीखेज मामला सामने आया है. तहसील पुलिस ने असम के चिरांग जिले में कार्रवाई कर दोनों युवकों को सुरक्षित छुड़ाया है. रैकेट के सदस्य नितीन दिलीप वंजारी को गिरफ्तार किया है उसका रॉकी नाम का साथी फरार है. पुलिस के मुताबिक, मोमिनपुरा निवासी हसनैन बिलाल असरार अहमद और उसका दोस्त रोशन उर्फ जुबेर राजेश बुंदेला 11 अक्तूबर को म्यूल अकाउंट से जुड़े काम के सिलसिले में गुवाहाटी गए थे. हसनैन ने अपनी बहन इकरा को जानकारी दी थी कि वह भंडारा निवासी सुमीत राजू सहारे का बैंक ऑफ इंडिया का खाता लेकर आया है. इसके बदले उसे 20 हजार रुपये मिलने वाले हैं. कुछ ही दिनों बाद बैंक खाते को लेकर विवाद और धमकियों की बात सामने आई. 14 अक्टूबर को हसनैन ने अपनी बहन इकरा को बताया कि बैंक खाते से जुड़ा रजिस्टर्ड सिम कार्ड निकाल लिया गया है. खाते में करीब 54 लाख रुपये हैं. इस वजह से खाते में जमा राशि निकल नहीं रही है. इस वजह से उसे और साथी को बंधक बनाया गया है. रॉकी ने इकरा को वीडियो कॉल कर दोनों बंधक बनाए जाने का बताया. उसने दोनों को जिंदा जलाने की धमकी भी दी. रिहाई के बदले 28 लाख रुपये मांगे. इकरा ने इतनी बड़ी रकम देने में असमर्थता जताई, तो आरोपी ने 15 लाख रुपये की मांग की. मामले की जांच के दौरान तहसील पुलिस ने नितीन दिलीप वंजारी, उम्र 28 वर्ष, निवासी लष्करीबाग, नागपुर को गिरफ्तार किया। पूछताछ में नितिन ने रॉकी के साथ अपनी पहचान होने की बात बताई। पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपी हसनैन के बैंक खाते का इस्तेमाल म्यूल अकाउंट के रूप में करने वाले थे. गिरफ्तार आरोपी से मिले मोबाइल नंबर की लोकेशन असम के चिरांग जिले में मिली. इसके बाद तहसील पुलिस की टीम स्थानीय पुलिस की मदद से मौके पर पहुंची. वहां दोनों बंधक युवकों को सुरक्षित बरामद कर लिया. पुलिस की कार्रवाई के दौरान रॉकी फरार हो गया. फिलहाल दोनों युवकों को सुरक्षित नागपुर लाकर उनके परिवार के हवाले कर दिया गया है। मामले में तहसील पुलिस आगे की जांच कर रही है और फरार आरोपी की तलाश जारी है।
कमेंट
अभी कोई कमेंट नहीं। पहले आप लिखिए।