अंडाशय की गांठ हमेशा कैंसर नहीं होती, डॉक्टर ने बताए किन लक्षणों पर ध्यान दें
रजोनिवृत्ति से पहले महिलाओं में मिलने वाली ज्यादातर ओवेरियन सिस्ट कैंसर की नहीं होतीं, लेकिन कुछ लक्षण नजरअंदाज नहीं करने चाहिए, डॉक्टर ने बताया।
अंडाशय यानी ओवरी में गांठ का नाम सुनते ही ज्यादातर महिलाओं के मन में सबसे पहला ख्याल कैंसर का आता है। लेकिन डॉक्टरों का कहना है कि ओवरी में गांठ होने का मतलब यह नहीं कि वह कैंसर ही है। खासकर रजोनिवृत्ति से पहले जो गांठें मिलती हैं, उनमें से ज्यादातर कैंसर वाली नहीं होतीं। फिर भी यह समझना जरूरी है कि किन हालात में ऐसी गांठों की बारीकी से जांच करानी चाहिए और कौन से लक्षण बिल्कुल नजरअंदाज नहीं करने चाहिए।
सीनियर कंसल्टेंट सर्जिकल ऑन्कोलॉजिस्ट और HIPEC एक्सपर्ट डॉ. स्निता सिनुकुमार के मुताबिक, सबसे पहले यह देखा जाता है कि बार-बार कराए गए अल्ट्रासाउंड में गांठ जस की तस बनी हुई है या उसका साइज बढ़ रहा है। इसके अलावा अल्ट्रासाउंड में गांठ कैसी दिख रही है, यह भी बहुत मायने रखता है। एक सिंपल, सिर्फ पानी से भरी गांठ और ऐसी गांठ जिसमें ठोस हिस्सा हो, दीवारें अनियमित हों या अंदर खून का बहाव दिख रहा हो, इन दोनों में फर्क होता है। अगर गांठ में उंगली जैसे उभरे हुए हिस्से (पैपिलरी प्रोजेक्शन) हों या उसमें कई खाने बने हों, तो यह भी और जांच की जरूरत का इशारा माना जाता है।
डॉक्टर के मुताबिक, लक्षणों पर ध्यान देना भी उतना ही जरूरी है। पेट फूलना या सूजन आना, पेल्विक में दर्द रहना, थोड़ा सा खाने के बाद भी पेट भरा-भरा लगना, या पेशाब और बॉवेल हैबिट्स में बदलाव, ऐसी कोई भी नई और लगातार बनी रहने वाली दिक्कत हो तो डॉक्टर को जरूर बताना चाहिए। बिना किसी वजह के वजन कम होना, थकान रहना या भूख कम लगना, इन पर भी नजर रखनी चाहिए।
ओवेरियन सिस्ट का आकलन करते वक्त महिला की उम्र और वह मेनोपॉज से पहले है या बाद में, यह भी उतना ही अहम माना जाता है। मेनोपॉज के बाद पेट के अल्ट्रासाउंड में मिलने वाली सिस्ट, खासकर अगर वह कॉम्प्लेक्स हो या उसका साइज बढ़ रहा हो, तो पेट और पेल्विस का सीटी स्कैन और CA-125 जैसे ट्यूमर मार्कर की मदद से आगे की जांच जरूरी हो जाती है।
डॉक्टर ने यह भी बताया कि फैमिली हिस्ट्री भी अहम भूमिका निभाती है। जिन महिलाओं में ओवेरियन, ब्रेस्ट या इससे जुड़े कैंसर की मजबूत फैमिली हिस्ट्री हो, या जिनमें BRCA या लिंच सिंड्रोम म्यूटेशन पाया गया हो, उन्हें सही मेडिकल जांच जरूर करानी चाहिए।
डॉक्टर के मुताबिक सबसे अहम बात यह है कि सिर्फ गांठ का साइज देखकर यह तय नहीं किया जा सकता कि वह कैंसर वाली है या नहीं। गांठ अल्ट्रासाउंड में कैसी दिखती है, समय के साथ उसमें क्या बदलाव आ रहे हैं, महिला की उम्र और मेनोपॉज की स्थिति क्या है, और कई बार CA-125 जैसे ब्लड टेस्ट, इन सबको मिलाकर ही कोई नतीजा निकाला जाता है। इसलिए ओवरी में गांठ मिलने पर तुरंत घबराने की जरूरत नहीं है। लेकिन गांठ कैसी दिखती है, समय के साथ उसमें बदलाव तो नहीं हो रहा, और कोई लगातार बना रहने वाला लक्षण तो नहीं है, इस पर ध्यान देना और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।