अल्लुरी जिले में सड़क नहीं, प्रसव पीड़ा झेल रही महिला को गांववाले तीन किलोमीटर उठा ले गए
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
आंध्र प्रदेश के अल्लुरी जिले के एक गांव में पक्की सड़क न होने से गर्भवती महिला को कंबल के स्ट्रेचर पर करीब तीन किलोमीटर ले जाना पड़ा। इस घटना का वीडियो वायरल है।
आंध्र प्रदेश के अल्लुरी जिले से एक वीडियो सामने आया है, जो इन दिनों काफी चर्चा में है। वीडियो में गांव तक ठीक सड़क न होने की वजह से एक गर्भवती महिला को स्ट्रेचर पर करीब तीन किलोमीटर तक ले जाते हुए दिखाया गया है। बताया जा रहा है कि यह वीडियो अरकू विधानसभा क्षेत्र के अनंतगिरी मंडल के एक गांव का है।
गांव की रहने वाली नीलिमा को प्रसव पीड़ा शुरू हो गई थी। गांव तक जाने लायक रास्ता नहीं था, इसलिए स्थानीय लोगों ने उन्हें स्ट्रेचर पर उठाया और चल पड़े। करीब तीन किलोमीटर दूर बोड्डापाडू गांव तक वे उन्हें इसी तरह लेकर गए।
यह स्ट्रेचर भी कोई असली स्ट्रेचर नहीं था। दुर्गम इलाके में चट्टानी, पथरीले रास्ते से गुजरते हुए गांववालों को कंबल को ही स्ट्रेचर बनाकर महिला को उठाना पड़ा, ताकि उन्हें जल्द से जल्द इलाज मिल सके।
सबसे बड़ी दिक्कत यह रही कि गांव में सड़क नहीं होने के कारण एम्बुलेंस उनके घर तक पहुंच ही नहीं सकी। इसी वजह से लोगों को खुद ही महिला को कंधों पर उठाकर ले जाना पड़ा। यह घटना बताती है कि उनके गांव तक ठीक से सड़क का संपर्क नहीं है।
सोशल मीडिया पर लोग इस बात को लेकर सवाल उठा रहे हैं। नेटिजन्स का कहना है कि साल 2026 में भी कुछ लोगों के लिए बुनियादी सड़क सुविधा मिलना मुश्किल बना हुआ है। उनके मुताबिक यह सिर्फ प्रशासन की नाकामी है।
दुर्गम इलाकों में बुनियादी सेवाएं और पक्की सड़कें न मिलने से गांवों में सुविधाओं की कमी एक बार फिर सामने आ गई है। वीडियो की स्थिति भले अलग हो, लेकिन भारत में आज भी कुछ गांवों के लोगों को जरूरी बुनियादी सुविधाएं नहीं मिल पातीं। जहां संपर्क के साधन नहीं हैं और गांव में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भी नहीं है, वहां गांव और देहात में ऐसे हालात देखने को मिलते हैं।
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