अक्टूबर के आखिर में कोंकण तट पर बारिश के आसार, दिवाली से पहले ज्यादा पानी का अंदाज
मौसम विभाग के विस्तारित अनुमान के मुताबिक 22 अक्टूबर से 5 नवंबर के बीच महाराष्ट्र और पश्चिमी तट के कुछ हिस्सों में औसत से ज्यादा बारिश हो सकती है।
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राज्य से मानसून की वापसी के बाद अब अक्टूबर के आखिरी हिस्से में फिर से बारिश के आसार दिख रहे हैं। भारतीय मौसम विभाग के विस्तारित श्रेणी वाले अनुमान के नक्शे के मुताबिक 22 अक्टूबर से 5 नवंबर के बीच महाराष्ट्र समेत पश्चिमी तट के कुछ हिस्सों में औसत से ज्यादा बारिश की संभावना नजर आ रही है। खास तौर पर 29 अक्टूबर से 5 नवंबर वाले हफ्ते में कोंकण और पश्चिमी तट की बारिश पर सबकी नजर रहेगी।
वरिष्ठ मौसम विशेषज्ञ डॉ. कृष्णानंद होसालीकर ने भारतीय मौसम विभाग के अनुमान के आधार पर बताया कि इस दौरान बारिश की संभावित चाल दिखाई दे रही है। उनके मुताबिक अक्टूबर के आखिरी हफ्ते और नवंबर की शुरुआत में पश्चिमी तट के साथ दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में बारिश के लिए हालात अनुकूल बनने के संकेत हैं। 22 से 29 अक्टूबर के बीच दक्षिणी और पश्चिमी तट पर बारिश की संभावना दिखाई गई है। उसके बाद 29 अक्टूबर से 5 नवंबर के बीच महाराष्ट्र के पश्चिमी किनारे, कोंकण और दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में औसत से ज्यादा बारिश के संकेत नक्शे में दिखते हैं।
दक्षिणी प्रायद्वीप में इस दौरान पूर्वोत्तर मानसून की हलचल भी अहम हो सकती है। हालांकि विस्तारित श्रेणी का अनुमान सिर्फ संभावित बारिश की तस्वीर दिखाता है। इससे यह पक्का नहीं कहा जा सकता कि किसी शहर या जिले में जोरदार बारिश होगी ही। असल बारिश कितनी होगी, किस इलाके में होगी और कितनी तेज होगी, इसके लिए मौसम विभाग के आगे आने वाले ताजा अनुमानों पर नजर रखनी पड़ेगी।
इधर मुंबई और महानगर क्षेत्र में फिलहाल असामान्य रूप से ज्यादा तापमान है और मौसम गर्म व उमस भरा बना हुआ है। कुछ जगहों पर पारा 37 से 38 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। मौसम विश्लेषक अंकुर पुराणिक की जानकारी के मुताबिक अगले दो से तीन दिन, यानी 12 अक्टूबर तक गर्मी की परेशानी बनी रह सकती है। उसके बाद हालात में कुछ सुधार हो सकता है।
पुराणिक ने बताया कि कुछ जगहों पर अधिकतम तापमान 37 से 38 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा है और 12 अक्टूबर के बाद थोड़ी राहत मिल सकती है। ऐसे में फिलहाल गर्मी से बचाव का ध्यान रखने के साथ ही अक्टूबर के आखिर में संभावित बारिश के हालात पर भी नजर रखना जरूरी होगा।