अजनी स्टेशन के पुनर्विकास का काम तेज, पटरियों के ऊपर लगे भारी स्टील गर्डर
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अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत अजनी रेलवे स्टेशन पर पूर्व और पश्चिम दोनों तरफ निर्माण तेजी से चल रहा है।
नागपुर: अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत अजनी रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास का काम रफ्तार पकड़ रहा है। स्टेशन के पूर्व और पश्चिम, दोनों तरफ बड़े सिविल निर्माण कार्य चल रहे हैं। इस प्रोजेक्ट के पूरा होने पर अजनी नागपुर के लिए एक आधुनिक सैटेलाइट टर्मिनल बन जाएगा। यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, स्टेशन तक पहुंचना आसान होगा और मेट्रो नेटवर्क से सीधा कनेक्शन भी रहेगा।
पूर्व की तरफ G+3 स्टेशन बिल्डिंग लगभग तैयार होने को है। ग्राउंड फ्लोर पर टिकट काउंटर का काम पूरा हो चुका है, जबकि फिनिशिंग और फसाड का काम अभी चल रहा है। यह नया टर्मिनल चालू होने पर यात्री पूर्व की तरफ से सीधे स्टेशन में आ सकेंगे। इससे स्टेशन तक पहुंचने की परेशानी कम होगी और अंदर आना-बाहर निकलना भी आसान होगा।
पूरे पुनर्विकास का सबसे बड़ा हिस्सा 72 मीटर चौड़ा एलिवेटेड एयर-कंडीशंड कॉन्कोर्स है। इसे सभी प्लेटफॉर्म के लिए यात्रियों के आने-जाने, इंतजार करने और रुकने की मुख्य जगह के तौर पर डिजाइन किया गया है।
अधिकारियों के मुताबिक एलिवेटेड कॉन्कोर्स का निर्माण काफी आगे पहुंच चुका है। 27 अगस्त 2026 तक रेल पटरियों के ऊपर भारी स्टील गर्डर रखे जा चुके थे। अधिकारियों ने बताया कि फाउंडेशन के काम का पहला लेवल पूरा हो गया है, जबकि स्लैब का निर्माण और रूफ लॉन्चिंग का काम चल रहा है। पूरा होने पर यह कॉन्कोर्स सभी प्लेटफॉर्म के ऊपर फैला होगा। यात्री स्टेशन में आसानी से इधर-उधर जा सकेंगे और इंतजार के लिए उन्हें मौसम से बचाने वाली खुली जगह मिलेगी।
रेल लैंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (RLDA) के चीफ प्रोजेक्ट ऑफिसर पवन कुमार पाटिल ने कहा कि एलिवेटेड कॉन्कोर्स अजनी पुनर्विकास प्रोजेक्ट का दिल है। पाटिल ने कहा, "फाउंडेशन का लेवल 1 पूरा हो चुका है और स्लैब व रूफ लॉन्चिंग का काम चल रहा है। चालू होने पर यह पूर्व और पश्चिम दोनों तरफ को जोड़ देगा और यात्रियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं देगा। अजनी नागपुर के लिए एक बड़ा सैटेलाइट टर्मिनल बनकर उभरेगा।"
फिलहाल तीन प्लेटफॉर्म चालू हैं। प्रोजेक्ट की जानकारी के मुताबिक चार और प्लेटफॉर्म पर काम चल रहा है, मौजूदा व्यवस्था के दोनों तरफ दो-दो। पुनर्विकास के दौरान यात्री सेवाएं बिना रुकावट चलती रहें, इसलिए ट्रेनों का संचालन अभी पश्चिम की तरफ से प्लेटफॉर्म 1 और 2 के जरिए किया जा रहा है।
पश्चिम की तरफ गर्डर लॉन्चिंग का एक हिस्सा अभी बाकी है, क्योंकि अजनी स्टेशन के सामने का अंडरग्राउंड रोड, यानी रोड अंडरब्रिज (RUB), बन रहा है। अधिकारियों ने बताया कि बचा हुआ लॉन्चिंग का काम सड़क का प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद हाथ में लिया जाएगा। रेलवे के निर्माण और सड़क के ढांचे के बीच तालमेल इस पुनर्विकास का अहम हिस्सा है, क्योंकि तैयार सुविधाओं से स्टेशन तक दोनों तरफ से पहुंच बेहतर होनी है।
पश्चिम की तरफ G+1 स्टेशन बिल्डिंग का निर्माण भी चल रहा है। इसे कांग्रेस नगर मेट्रो स्टेशन के साथ एक जुड़ी हुई सुविधा के तौर पर बनाया जा रहा है, जिससे भारतीय रेलवे और नागपुर मेट्रो के बीच सीधा इंटरफेस मिलेगा। उम्मीद है कि इस जुड़ाव से रेल और मेट्रो के बीच बदलना यात्रियों के लिए आसान होगा और शहर के अलग-अलग हिस्सों से आने वाले यात्रियों को अजनी तक पहुंचने में सहूलियत मिलेगी।
दोनों तरफ से अलग एंट्री, बड़ा एलिवेटेड कॉन्कोर्स, अतिरिक्त प्लेटफॉर्म और मेट्रो से कनेक्टिविटी, इन सबके साथ पुनर्विकास के बाद स्टेशन से यात्रियों को काफी बेहतर अनुभव मिलने की उम्मीद है। सैटेलाइट टर्मिनल के तौर पर अजनी नागपुर के मुख्य रेलवे स्टेशन का हाथ बंटाएगा और शहर के रेल ट्रैफिक में बड़ी भूमिका निभाएगा। निर्माण आगे बढ़ने के साथ ध्यान इस पर है कि बड़े ढांचागत हिस्से पूरे हों और ट्रेनों का संचालन बिना रुकावट जारी रहे।
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