अभिनेता नाना पाटेकर का 75 साल की उम्र में निधन, गोवा के घर पर पड़ा दिल का दौरा
मराठी और हिंदी फिल्मों के वरिष्ठ अभिनेता नाना पाटेकर गुरुवार तड़के नहीं रहे। फिल्म इंडस्ट्री के साथ राजनीतिक नेताओं से भी उनके करीबी रिश्ते रहे।
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मराठी और हिंदी फिल्म इंडस्ट्री के वरिष्ठ अभिनेता नाना पाटेकर का गुरुवार तड़के निधन हो गया। जानकारी के मुताबिक दिल का तेज दौरा पड़ने से उनकी मौत हुई। वे 75 साल के थे। उनके जाने के बाद फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर है।
नाना पाटेकर गोवा के डोना पौला में अपने घर पर थे। वहीं वे बेहोशी की हालत में मिले। उन्हें फौरन अस्पताल ले जाया गया, लेकिन वहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
नाना का रिश्ता सिर्फ सिनेमा की दुनिया तक सीमित नहीं था। राजनीति के कई नेताओं से भी उनके करीबी संबंध थे। राष्ट्रवादी कांग्रेस के संस्थापक शरद पवार के बारे में उन्होंने एक बार कहा था, "शरद पवार कभी मेरे हीरो थे। लेकिन अब राजनीति बदल गई है।"
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की उन्होंने भरे कार्यक्रम में तारीफ की थी। नाना का कहना था, "राज्य की राजनीति में बहुत कम लोग हैं जिन पर कोई दाग नहीं है, उनमें से एक एकनाथ शिंदे हैं। मुख्यमंत्री पद संभाला, फिर भी कोई उंगली नहीं उठा सकता।"
बालासाहेब ठाकरे से भी नाना के अच्छे संबंध थे। शिवसेना में फूट पड़ने पर उन्होंने अपनी प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने कहा था, "शिवसेना टूटी तो मुझे बुरा लगा। मैं बालासाहेब से लेकर सबके करीब था। बालासाहेब मुझे फोन करके कहते थे, 'गधे, क्या कर रहा है रे'। बालासाहेब के जाने के बाद मातोश्री से मेरा रिश्ता खत्म हो गया।" नाना ने एक बार यह सलाह भी दी थी कि राज और उद्धव को मराठी मानुष की भलाई के लिए साथ आना चाहिए।
विश्वजीत दिनकरराव पाटेकर, यानी नाना पाटेकर, फिल्म इंडस्ट्री के दिग्गज और जाने-माने कलाकार थे। उन्होंने सिर्फ मराठी में ही नहीं, बल्कि हिंदी, तमिल और कन्नड़ फिल्मों में भी अपनी अदाकारी का सिक्का जमाया। उन्होंने 1978 में फिल्म गमन से शुरुआत की थी।
इसके बाद नटसम्राट, प्रहार, आपला माणूस, क्रांतिवीर, तिरंगा और खामोशी जैसी फिल्मों से उन्हें खूब लोकप्रियता मिली। इनमें नटसम्राट उनकी सबसे चर्चित फिल्म रही। कई फिल्मों में उनकी दमदार अदाकारी ने दर्शकों के दिल पर ऐसी छाप छोड़ी कि नाना पाटेकर का नाम अभिनय की दुनिया में अमर हो गया।