आटे के डिब्बे में तेजपत्ता रखें, पर कीड़ों से बचने के लिए सफाई और सूखापन ज्यादा जरूरी
आटे में कीड़े पड़ने से परेशान हैं तो डिब्बे में दो से तीन सूखे तेजपत्ते रखकर देख सकते हैं, लेकिन असली बचाव साफ, सूखा और हवाबंद डिब्बा है।
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रसोई में आटा कितना भी संभालकर रखो, कुछ दिन बाद उसमें छोटे कीड़े दिखने लगते हैं। खासकर गेहूं के आटे में घुन लग जाए तो समझ नहीं आता कि आटा इस्तेमाल करें या फेंक दें। रोज की भागदौड़ में इस तरफ ध्यान ही नहीं जाता, और जब कीड़े दिख जाते हैं तो पूरा डिब्बा खाली करना पड़ता है। ऐसे में घर में आसानी से मिलने वाला तेजपत्ता, यानी तमालपत्र, आजमाया जा सकता है। हां, उसके साथ आटा सही तरीके से रखना भी उतना ही जरूरी है।
तेजपत्ता आम तौर पर खाने में खुशबू लाने के लिए डाला जाता है। पुलाव, बिरयानी या मसालेदार सब्जियों में कई घरों में इसका इस्तेमाल होता है। लेकिन यह सिर्फ खाना पकाने तक सीमित नहीं है। कुछ घरों में अनाज और आटा रखते वक्त कीड़ों को दूर रखने के लिए भी तेजपत्ता डाला जाता है।
माना जाता है कि तेजपत्ते की गंध कुछ कीड़ों को पसंद नहीं आती। इसी वजह से आटे के डिब्बे में दो से तीन सूखे पत्ते रखने का घरेलू नुस्खा अपनाया जाता है। इससे कीड़ों की परेशानी कम होने में मदद मिल सकती है। फिर भी यह उपाय हर बार कामयाब हो, ऐसा नहीं है, इसलिए सिर्फ तेजपत्ते के भरोसे बैठे रहना ठीक नहीं।
तरीका सीधा है। आटा रखने का डिब्बा पहले साफ करके पूरी तरह सुखा लें। फिर उसमें आटा भरें और दो या तीन सूखे तेजपत्ते डिब्बे के किनारे पर रख दें। अगर नहीं चाहते कि आटे में पत्तों की गंध लगे, तो उन्हें ढक्कन के अंदर की तरफ रख सकते हैं। पत्ते नम हो गए हों या उनकी गंध कम पड़ गई हो तो उन्हें बदल देना बेहतर है। डिब्बे में नमी न रहे, इसका भी ध्यान रखें, क्योंकि नमी से आटे की क्वालिटी खराब हो सकती है।
आटे में घुन लगने की कई वजहें हो सकती हैं। गलत तरीके से रखना, पहले से मौजूद कीड़ों के अंडे, या किराना रखने की जगह की गंदगी से यह दिक्कत बढ़ सकती है। इसलिए कुछ आसान आदतें डाल लेना फायदेमंद है।
पहली बात, हवाबंद डिब्बा इस्तेमाल करें और आटा हमेशा कसकर बंद होने वाले ढक्कन वाले डिब्बे में रखें, ताकि बाहर से कीड़े अंदर न जा सकें। दूसरी, आटा भरने से पहले पक्का कर लें कि डिब्बे में पानी या नमी नहीं है। तीसरी, नया आटा लाने पर पहले पुराना आटा खत्म करें, फिर नया भरने की कोशिश करें। चौथी, अलमारी साफ रखें और आटे के कण या अनाज के टुकड़े जमा न होने दें, क्योंकि ऐसी जगह कीड़े बढ़ सकते हैं। पांचवीं, गेहूं का आटा, चावल, सूजी और दालें, इन सबमें कीड़े तो नहीं लग रहे, यह बीच बीच में देखते रहें।
अगर आटे में घुन दिख जाए, तो उसमें सिर्फ तेजपत्ता डालकर उसे इस्तेमाल करना ठीक नहीं। कीड़े ज्यादा हों तो वह आटा अलग निकाल दें। फिर डिब्बे को गर्म पानी और साबुन से अच्छी तरह धोकर पूरी तरह सुखा लें। पास में रखी बाकी चीजें भी जांच लें।
तेजपत्ता घर पर आजमाने लायक आसान उपाय जरूर है, मगर इससे घुन पूरी तरह खत्म हो जाते हैं, इसका कोई पक्का सबूत नहीं है। इसलिए आटे को सही तरीके से रखने, सफाई और समय समय पर जांच को ज्यादा अहमियत दें।
कुल मिलाकर, आटे के डिब्बे में तेजपत्ता रखकर देख सकते हैं। लेकिन आटा ज्यादा दिन अच्छा रहे और उसमें कीड़े न पड़ें, इसके लिए सबसे जरूरी आदत है साफ, सूखा और हवाबंद डिब्बा इस्तेमाल करना।