आतंकी अबू सालेम के हितैषी प्यारे खान का पुतला फूंका
छत्रपति शिवाजी महाराज चौक पर वीएचपी-बजरंग दल का उग्र प्रदर्शन, केंद्रीय मंत्री गडकरी से भी हुई चर्चा
नागपुर.
आतंकवादी अबू सलेम की रिहाई की मांग करने के बाद से विवादों में आए राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष प्यारे खान के खिलाफ विरोध की आग तेज हो गई है. शनिवार को विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) और बजरंग दल ने महाल स्थित छत्रपति शिवाजी महाराज चौक पर प्यारे खान का पुतला फूंककर अपना आक्रोश जाहिर किया. जोरदार नारेबाजी और पुतला दहन से इलाके में कुछ देर के लिए तनाव का माहौल बन गया.
प्यारे खान को पद से हटाने की मांग को लेकर वीएचपी और बजरंग दल पिछले कई दिनों से आंदोलन कर रहे हैं. उन्होंने 24 अक्टूबर को केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के महाल स्थित निवास गडकरी वाडा के सामने प्रदर्शन करने की घोषणा की थी। इस ऐलान के बाद राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई थी.
शनिवार सुबह संगठन के पदाधिकारियों को चर्चा के लिए गडकरी वाडा पर बुलाया गया. पदाधिकारियों ने प्यारे खान पर लगे आरोपी के जांच की मांग की. केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने उनकी मांग पर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया.इसके बाद कार्यकर्ताओं ने गडकरी वाडा की बजाय छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा के सामने आंदोलन करने का निर्णय लिया. दोपहर 4 बजे वीएचपी और बजरंग दल के कार्यकर्ता शिवाजी महाराज की प्रतिमा के सामने एकत्र हुए.उन्होंने प्यारे खान के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. इसी दौरान उनका पुतला आग के हवाले कर दिया गया. पुलिस ने पानी डालकर पुतले की आग बुझाने का प्रयास किया. प्रदर्शनकारियों के तेवरों के चलते कुछ समय के लिए परिसर में तनाव की स्थिति बन गई.
'बर्खास्तगी से कम कुछ मंजूर नहीं'
वीएचपी और बजरंग दल के पदाधिकारियों ने साफ कर दिया कि प्यारे खान को अध्यक्ष पद से हटाने की मांग पर कोई समझौता नहीं होगा. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांग पर कार्रवाई नहीं की गई, तो आंदोलन को और व्यापक तथा उग्र रूप दिया जाएगा. अबू सलेम की रिहाई की मांग करनेवाले आतंकियों के हितैषी व्यक्ति को अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष पद पर बैठने नहीं दिया जाएगा. प्यारे खान के खिलाफ शुरू हुआ यह विरोध अब राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है। आंदोलनकारी अपने रुख पर अड़े हैं, वहीं सबकी नजरें सरकार की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं.
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