8वें वेतन आयोग की रिपोर्ट मई 2027 तक संभव, यूपी चुनाव से पहले लागू होने की चर्चा
8वें वेतन आयोग को अंतिम रिपोर्ट देने के लिए 18 महीने मिले थे, जिनमें से 11 महीने गुज़र चुके हैं।
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देशभर के लाखों केंद्रीय कर्मचारी और पेंशनर 8वें वेतन आयोग का इंतज़ार कर रहे हैं। खबर है कि केंद्र सरकार करीब 1 करोड़ से ज़्यादा कर्मचारियों को जल्दी ही बड़ी खुशखबरी देने की तैयारी में है। आयोग को लागू करने को लेकर प्रशासनिक गलियारों में इस वक्त काफ़ी हलचल है।
8वें वेतन आयोग को अपनी अंतिम रिपोर्ट देने के लिए कुल 18 महीने का वक्त दिया गया था। इन 18 महीनों में से 11 महीने पहले ही पूरे हो चुके हैं। यानी अब सिर्फ़ 6 से 7 महीने बाकी हैं।
सूत्रों के मुताबिक आयोग यह अंतिम रिपोर्ट मई 2027 में केंद्र सरकार को सौंप सकता है। आयोग अपनी रिपोर्ट में क्या सिफ़ारिशें करता है, उसी पर कर्मचारियों का 'फिटमेंट फैक्टर' और उनकी न्यूनतम तनख्वाह तय होगी।
सिर्फ़ केंद्रीय कर्मचारी ही नहीं, अलग-अलग राज्यों के सरकारी कर्मचारी भी इन सिफ़ारिशों का बेसब्री से इंतज़ार कर रहे हैं। इस वक्त उत्तर प्रदेश (UP) के सरकारी कर्मचारियों को भी केंद्र के कर्मचारियों की तरह 7वें वेतन आयोग के हिसाब से तनख्वाह मिल रही है। उत्तर प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। इसलिए हर तरफ़ यह सवाल उठ रहा है कि क्या उत्तर प्रदेश सरकार चुनाव से पहले ही अपने कर्मचारियों को 8वें वेतन आयोग का तोहफ़ा देकर तनख्वाह बढ़ाएगी।
8वें वेतन आयोग को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार ने अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है। मंत्रिमंडल की बैठक में भी इससे जुड़ा कोई प्रस्ताव मंज़ूर नहीं हुआ है। लेकिन उत्तर प्रदेश सरकार का पुराना रिकॉर्ड देखें तो केंद्र के वेतन आयोग लागू करने के बाद राज्य सरकार भी जल्दी ही अपने कर्मचारियों को वही फ़ायदा देती रही है।
7वें वेतन आयोग की सिफ़ारिशों को उत्तर प्रदेश सरकार ने 13 दिसंबर 2016 को मंज़ूरी दी थी और 1 जनवरी 2017 से इसे असल में लागू किया था।
6ठे वेतन आयोग की सिफ़ारिशों को अगस्त 2008 में मंज़ूरी मिली थी। इसकी अमल की शुरुआत दिसंबर 2008 से हुई, मगर इसे 1 जनवरी 2006 से लागू माना गया। कर्मचारियों को इस दौरान का बकाया (Arrears) भी दिया गया था।
नियमों के हिसाब से वेतन आयोग को अंतिम रिपोर्ट देने के लिए 18 महीने या उससे कम वक्त की छूट है। इसलिए अधिकारियों के बीच इस वक्त ज़ोरदार चर्चा है कि उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव से पहले ही 8वें वेतन आयोग की सिफ़ारिशें लागू होने की संभावना को पूरी तरह खारिज नहीं किया जा सकता।