72 साल का सूखा खत्म, एशियाई टेबल टेनिस में हरमीत देसाई और यशस्विनी घोरपडे को कांस्य
ताशकंद में एशियाई टेबल टेनिस चैंपियनशिप 2026 के मिक्स्ड डबल्स में भारतीय जोड़ी ने कांस्य पदक जीता, 72 साल बाद भारत को इस वर्ग में मेडल मिला।
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भारतीय टेबल टेनिस के लिए ताशकंद से अच्छी खबर आई है। एशियाई टेबल टेनिस चैंपियनशिप से भारत के लिए बड़ी खुशी की खबर सामने आई है। हरमीत देसाई और यशस्विनी घोरपडे की भारतीय जोड़ी ने ताशकंद में हुई एशियाई टेबल टेनिस चैंपियनशिप 2026 के मिक्स्ड डबल्स में कांस्य पदक अपने नाम किया है। इस मेडल के साथ दोनों ने इतिहास रच दिया है।
यह पदक 72 साल के लंबे इंतजार के बाद आया है। एशियाई टेबल टेनिस चैंपियनशिप के मिक्स्ड डबल्स में भारत को आखिरी मेडल 1954 में मिला था। उस साल सिंगापुर में हुई स्पर्धा में भारतीय जोड़ी यतीन और मीना ने रजत पदक जीता था। उसके बाद भारत को इस मुकाबले में मेडल के लिए बहुत लंबा इंतजार करना पड़ा। अब हरमीत और यशस्विनी ने यह सूखा खत्म कर दिया है।
क्वार्टर फाइनल में दोनों के लिए राह आसान नहीं थी। मैच में वे 1-2 से पीछे चल रहे थे और भारतीय जोड़ी के स्पर्धा से बाहर होने का खतरा था। लेकिन दोनों ने जबरदस्त वापसी करके मैच का रुख पलट दिया। फैसले वाले गेम में बढ़िया तालमेल दिखाते हुए उन्होंने दक्षिण कोरिया को 3-2 से हराया। इसी जीत से भारत का पदक पक्का हुआ और सेमीफाइनल में उनकी जगह पहले ही तय हो गई थी।
सेमीफाइनल में भारतीय जोड़ी का सामना जापान की सोरा मात्सुशिमा और मिवा हारिमोटो की जोड़ी से हुआ। जापानी जोड़ी ने 11-9, 11-9 और 11-8 से तीनों सेट जीतकर भारत को हरा दिया। जापान से मिली इस हार के साथ भारतीय जोड़ी का सफर थम गया और उसे कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा।
हरमीत और यशस्विनी इस चैंपियनशिप में मेडल जीतने वाली तीसरी भारतीय मिक्स्ड डबल्स जोड़ी बनी हैं। इससे पहले 1952 में सिंगापुर में हुई पहली एशियाई टेबल टेनिस चैंपियनशिप में गुल नाशिकवाला और कल्याणपूर जयंत की भारतीय जोड़ी ने मिक्स्ड डबल्स का स्वर्ण पदक जीता था।
इस कामयाबी से भारतीय टेबल टेनिस के इतिहास में एक नया रिकॉर्ड दर्ज हो गया है।
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