दक्षिण कोरिया AI में लगाएगा करीब 900 अब्ज डॉलर, चीन-अमेरिका से मुकाबले की तैयारी
दक्षिण कोरिया ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी AI के क्षेत्र में चीन और अमेरिका को टक्कर देने के लिए बड़ी तैयारी शुरू कर दी है। AI में दुनिया की बड़ी ताकत बनने के मकसद से देश करीब 900 अब्ज डॉलर के निवेश की महत्वाकांक्षी योजना बना रहा है।
दक्षिण कोरिया का जोर सिर्फ बड़ी कंपनियों और टेक्नोलॉजी सेक्टर में पैसा लगाने पर नहीं है। वह आने वाले वक्त के लिए कामगार तैयार करने पर भी ध्यान दे रहा है। इसी वजह से प्राइमरी स्कूल से ही बच्चों को रोबोटिक्स, कोडिंग और AI से जुड़े हुनर की ट्रेनिंग देने की तैयारी की जा रही है।
AI सेक्टर के लिए ज़रूरी skilled लोग देश के अंदर ही तैयार हों, इसके लिए दक्षिण कोरिया ने पढ़ाई के सिस्टम में टेक्नोलॉजी को ज़्यादा अहमियत देना शुरू किया है। प्राइमरी स्कूल के बच्चों को रोबोटिक्स और कोडिंग की शुरुआती पढ़ाई कराई जा रही है। छोटी उम्र में ही बच्चों को टेक्नोलॉजी से जोड़ने से उम्मीद है कि आगे चलकर AI, रोबोटिक्स और सॉफ्टवेयर के क्षेत्र के लिए बड़ी तादाद में ट्रेंड लोग मिलेंगे।
फिलहाल AI के क्षेत्र में अमेरिका और चीन आगे हैं। दोनों देश अत्याधुनिक AI मॉडल, चिप, डेटा सेंटर और टेक्नोलॉजी कंपनियों में बड़े पैमाने पर निवेश कर रहे हैं। दक्षिण कोरिया इस मुकाबले में अपनी अलग पहचान बनाना चाहता है। सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में उसकी मज़बूत जगह है, और उसका फायदा उठाकर देश AI में भी दुनिया की अगुवाई हासिल करने की कोशिश में है।
करीब 900 अब्ज डॉलर की यह निवेश योजना सिर्फ AI कंपनियों तक सीमित नहीं है। इसका रुख पूरे टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम को मज़बूत करने की ओर है। AI रिसर्च, कंप्यूटिंग क्षमता, चिप टेक्नोलॉजी, डेटा सेंटर और ट्रेंड मैनपावर पर खास जोर दिया जा रहा है।
इससे आगे चलकर AI के क्षेत्र में अमेरिका और चीन के बाद दक्षिण कोरिया भी एक बड़ी ताकत के रूप में सामने आ सकता है। छोटे बच्चों से शुरू हुई यह तैयारी अगले दशक में देश के टेक्नोलॉजी सेक्टर को बड़ी रफ्तार दे सकती है।