गुरूवार, 29 अक्टूबर 2026

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1 नवंबर से म्यूचुअल फंड ऐप पर सबसे पहले दिखेगा डायरेक्ट प्लान, SEBI का नया नियम

1 नवंबर से म्यूचुअल फंड ऐप पर सबसे पहले दिखेगा डायरेक्ट प्लान, SEBI का नया नियम तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
PT24 टीम

SEBI के नए नियम के मुताबिक 1 नवंबर 2026 से फंड कंपनियों को अपनी वेबसाइट और मोबाइल ऐप पर डायरेक्ट प्लान को डिफॉल्ट विकल्प के तौर पर दिखाना होगा।

अगर आप म्यूचुअल फंड में पैसे लगाते हैं, तो यह खबर आपके काम की है। SEBI ने निवेशकों के लिए एक बड़ा फैसला लिया है, जिसका असर सीधे आपकी जेब पर पड़ेगा। नया नियम 1 नवंबर 2026 से लागू होगा और इसके बाद डायरेक्ट प्लान पहला विकल्प बनकर सामने आएगा।

अब तक होता यह था कि ऑनलाइन म्यूचुअल फंड खरीदते वक्त दो विकल्प दिखते थे, डायरेक्ट और रेगुलर। लेकिन कई बार ऐप पर रेगुलर विकल्प पहले से चुना हुआ मिलता था। इस वजह से नए निवेशक बिना जाने वही विकल्प ले लेते थे और उनके थोड़े ज्यादा पैसे कट जाते थे।

SEBI ने कहा है कि 1 नवंबर 2026 से यह तस्वीर बदलेगी। AMC कंपनियों को अपनी वेबसाइट और मोबाइल ऐप पर डायरेक्ट प्लान को मुख्य विकल्प के तौर पर दिखाना पड़ेगा। यानी डिफॉल्ट के रूप में डायरेक्ट प्लान ही नजर आएगा।

अब सवाल यह है कि डायरेक्ट और रेगुलर में फर्क क्या है। आसान भाषा में कहें तो दोनों में फंड एक ही होता है, फंड मैनेजर एक ही होता है और पैसा भी एक ही जगह लगता है। फर्क सिर्फ कमीशन का है।

रेगुलर प्लान आप किसी एजेंट के जरिए लेते हैं। इसलिए कंपनी को उस एजेंट को कमीशन देना पड़ता है, और वह कमीशन आपके ही पैसे से जाता है। डायरेक्ट प्लान में बीच में कोई एजेंट नहीं होता। आप सीधे कंपनी से फंड लेते हैं, इसलिए किसी को कमीशन नहीं देना पड़ता और आपका खर्च अपने आप कम हो जाता है।

हर म्यूचुअल फंड कंपनी हर साल एक न्यूनतम खर्च लेती है, जिसे एक्सपेंस रेशियो कहते हैं। रेगुलर प्लान में कमीशन होने की वजह से यह खर्च ज्यादा रहता है, मसलन 1.5% से 2% तक। डायरेक्ट प्लान में यह काफी कम होता है, सिर्फ 0.8% से 1% तक। 1% का फर्क छोटा लग सकता है, लेकिन लंबे वक्त में यही 1% बहुत बड़ा हो जाता है।

मान लीजिए आपने 10 साल के लिए 10 लाख रुपये लगाए। तब डायरेक्ट प्लान से आपको रेगुलर के मुकाबले 1 से 2 लाख रुपये ज्यादा मिल सकते हैं। वजह यह है कि कम खर्च से आपका रिटर्न बढ़ता है और चक्रवृद्धि ब्याज का फायदा भी ज्यादा मिलता है।

1 नवंबर से क्या बदलेगा, इसे देखें तो सभी बड़ी कंपनियों के ऐप पर, जैसे SBI Mutual Fund, HDFC, ICICI और Nippon के आधिकारिक ऐप पर, अब डायरेक्ट प्लान पहला विकल्प होगा।

अगर किसी की सलाह पर रेगुलर प्लान ही खरीदना है, तो उसे सोच-समझकर खुद चुनना पड़ेगा। इससे पारदर्शिता आएगी। बाकी निवेशकों को भी समझ में आएगा कि वे किस प्लान में पैसा डाल रहे हैं और उसके लिए कितना खर्च आ रहा है।

यह नियम सिर्फ कंपनियों के अपने प्लेटफॉर्म के लिए है। दूसरे थर्ड पार्टी ऐप पर क्या होगा, इसकी जानकारी आना अभी बाकी है। कुल मिलाकर SEBI का यह फैसला आम निवेशक के फायदे का है और आपके पैसे बचाने वाला है। इसलिए अगर आप नया निवेश करने जा रहे हैं, तो 1 नवंबर के बाद डायरेक्ट प्लान के बारे में जरूर सोचिए।

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