शनिवार, 7 नवंबर 2026

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सहकारनगर पुलिस स्टेशन में हंगामे के आरोप में इंस्पेक्टर राजेश खांडवे पर केस दर्ज

सहकारनगर पुलिस स्टेशन में हंगामे के आरोप में इंस्पेक्टर राजेश खांडवे पर केस दर्ज तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
जुर्म PT24 टीम

पुणे के सहकारनगर पुलिस स्टेशन में तैनात क्राइम पुलिस इंस्पेक्टर पर शराब के नशे में तड़के हंगामा करने का आरोप है। उनके खिलाफ शनिवार सुबह केस दर्ज हुआ।

पुणे पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी पर आपराधिक मामला दर्ज हुआ है। आरोप है कि वे शराब के नशे में तड़के सहकारनगर पुलिस स्टेशन पहुंचे और वहां हंगामा किया। बताया गया है कि यह सिलसिला करीब आधे घंटे तक चलता रहा, जिसके बाद वरिष्ठ अधिकारियों को दखल देना पड़ा।

मामला राजेश खांडवे का है, जो सहकारनगर पुलिस स्टेशन में पुलिस इंस्पेक्टर (क्राइम) के पद पर तैनात हैं। आरोप के मुताबिक वे रात करीब 2 बजे स्टेशन परिसर में पहुंचे। घटना की जानकारी के अनुसार उन्होंने चिल्लाना और हंगामा करना शुरू कर दिया, जिससे ड्यूटी पर मौजूद अफसरों और स्टाफ के बीच तनाव का माहौल बन गया। कहा जा रहा है कि यह हंगामा रात करीब ढाई बजे तक चला।

सूचना मिलने पर वरिष्ठ पुलिस अधिकारी स्टेशन पहुंचे और हालात को काबू में किया। खांडवे के पद को देखते हुए घटना को गंभीरता से लिया गया। इसके बाद शनिवार सुबह सहकारनगर पुलिस स्टेशन में उनके खिलाफ केस दर्ज किया गया।

घटना के बाद खांडवे को मेडिकल जांच के लिए ससून जनरल अस्पताल ले जाया गया। एक वरिष्ठ पद पर बैठे अफसर पर ऐसे आरोप लगने और उनके खिलाफ केस दर्ज होने से पुणे पुलिस के भीतर अनुशासन और आचरण को लेकर चिंता पैदा हुई है।

शुरुआत में वरिष्ठ अधिकारी इस बारे में कुछ भी कहने से बच रहे थे। पुलिस आयुक्त अमितेश कुमार ने संबंधित अफसरों को घटना की जानकारी देने का निर्देश दिया, तब जाकर ब्योरा सामने आया।

पुलिस उपायुक्त मिलिंद मोहिते ने पुष्टि की कि सहकारनगर पुलिस स्टेशन के क्राइम पुलिस इंस्पेक्टर ने शराब पीने के बाद कथित तौर पर हंगामा किया। उन्होंने यह भी पुष्टि की कि इस मामले में केस दर्ज किया गया है।

यह खबर ऐसे वक्त आई है जब सिर्फ दो दिन पहले पुलिस आयुक्त के निवास पर एक पुलिसकर्मी से जुड़ी एक और घटना हो चुकी है। उस घटना की भी महकमे में चर्चा थी, और ताजा मामले से पुलिसकर्मियों के अनुशासन पर सवाल फिर उठ गए हैं।

इन घटनाओं से पुलिस अफसरों और स्टाफ के आचरण पर निगाहें टिक गई हैं, खासकर इसलिए कि कानून लागू करना और सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखना इसी फोर्स की जिम्मेदारी है। खांडवे के खिलाफ की जाने वाली कार्रवाई का ब्योरा अभी आना बाकी है।

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