पुणे में दिवाली पर पटाखों की पाबंदी, रात 10 बजे के बाद आवाज वाले पटाखे बैन
पुणे पुलिस ने दिवाली से पहले लड़ी और 'एटम बम' पटाखों पर रोक लगाई है। आवाज वाले पटाखे रात 10 से सुबह 6 बजे तक नहीं फोड़े जा सकेंगे।
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इस दिवाली पुणे के लोगों को पटाखों के मामले में सख्त नियमों का पालन करना होगा। शहर की पुलिस ने लड़ी वाले पटाखों और धागे में लिपटे उन पटाखों पर रोक लगा दी है, जो 'एटम बम' के नाम से बेचे जाते हैं। इसके साथ ही रात के वक्त आवाज करने वाले पटाखे फोड़ने और सार्वजनिक सड़कों पर पटाखे चलाने पर भी पाबंदी लगाई गई है।
यह आदेश शुक्रवार को अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (प्रशासन) संजय पाटिल ने जारी किया। त्योहार के दौरान पटाखों की बिक्री और इस्तेमाल को काबू में रखने के उपायों के तौर पर ये निर्देश दिए गए हैं।
आदेश के मुताबिक, जो पटाखे लंबी लड़ी में जुड़े होते हैं और एक के बाद एक फटने के लिए बनाए जाते हैं, उन्हें न बेचा जा सकता है, न रखा जा सकता है और न ही फोड़ा जा सकता है। यही पाबंदी धागे में लिपटे उन पटाखों पर भी लागू है, जिन्हें एटम बम बताकर बेचा जाता है।
रात में पटाखों को लेकर भी साफ नियम है। पुलिस ने रात 10 बजे से सुबह 6 बजे के बीच आवाज करने वाले पटाखे फोड़ने पर रोक लगाई है। इस दौरान लोग सिर्फ वही पटाखे चला सकते हैं जिनसे रोशनी निकलती है और तेज आवाज नहीं होती। सार्वजनिक सड़कों पर पटाखे फोड़ना भी मना है।
इन नियमों का मकसद दिवाली के जश्न के दौरान शोर को काबू में रखना और यह तय करना है कि आतिशबाजी कहां की जा सकती है।
अस्थायी लाइसेंस पर पटाखे बेचने वाले दुकानदारों के लिए भी पुलिस के आदेश में एक तय समय रखा गया है। ऐसे विक्रेता 6 नवंबर से 5 दिसंबर 2026 तक अपना कारोबार कर सकेंगे।
यह अवधि खत्म होने के बाद उनके पास जो भी माल बचेगा, उसे उन व्यापारियों को लौटाना होगा जिनके पास स्थायी लाइसेंस है और जिन्हें पटाखे रखने और बेचने की इजाजत है।
कुल मिलाकर, ये पाबंदियां कुछ खास किस्म के पटाखों के इस्तेमाल पर भी हैं और उन शर्तों पर भी जिनके तहत पटाखे बेचे जा सकते हैं। त्योहार के मौसम में आम लोगों और दुकानदारों, दोनों को तय नियमों का पालन करना होगा।
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