पिंपल गुरव में कचरे से कटे पैर मिले, दोस्त की हत्या के आरोप में एक गिरफ्तार
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सांगवी पुलिस ने सड़क किनारे कचरे में मिले दो कटे पैरों का मामला कुछ ही घंटों में सुलझा लिया। आरोपी विष्णु तानाजी कुंभार को गिरफ्तार किया गया है।
पिंपरी चिंचवड, 7 नवंबर 2026: पिंपरी चिंचवड के पिंपल गुरव इलाके में शुक्रवार को सड़क किनारे फेंकी गई एक बोरी में घुटने के नीचे से कटे दो इंसानी पैर मिले। सांगवी पुलिस ने इस सनसनीखेज हत्या के मामले को कुछ ही घंटों में सुलझा लेने का दावा किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी का नाम विष्णु तानाजी कुंभार है। उस पर आरोप है कि उसने झगड़े के बाद अपने दोस्त अनिल खाडे की हत्या की और सबूत मिटाने के लिए उसकी लाश के टुकड़े किए।
मामला शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे सामने आया। कचरा उठाने वाले दो कर्मचारी, कृष्णा लोट और ओमकार काले, रामकृष्ण मंगल कार्यालय और कटेपुरम चौक के बीच के रास्ते पर कचरा जमा कर रहे थे। कचरे के बीच पड़ी एक बोरी पर उन्हें खून के निशान दिखे। उन्हें पहले लगा कि बोरी में किसी कुत्ते के पैर होंगे। लेकिन बोरी खोलते ही अंदर दो इंसानी पैर देखकर वे सन्न रह गए। इसके बाद पूरे इलाके में अफरातफरी मच गई।
खबर मिलते ही सांगवी पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। बोरी की तलाशी में पुलिस को एक SIM कार्ड का कवर मिला। उस पर छपा मोबाइल नंबर जांच करने वालों के लिए अहम सुराग बन गया। इसी नंबर के सहारे पुलिस मृतक अनिल खाडे के परिवार तक पहुंची और आगे चलकर कुंभार को संदिग्ध के तौर पर पहचाना गया।
पुलिस की एक टीम कुंभार के घर पहुंची तो वहां ताला लगा था और आरोपी फरार था। पुलिस ने ताला तोड़कर घर में कदम रखा तो अंदर से बदबू आ रही थी। घर की तलाशी लेने पर खाडे की लाश मिली और इसी के साथ हत्या का राज खुल गया।
पुलिस जांच के मुताबिक खाडे और कुंभार दोस्त थे और गुरुवार रात दोनों ने साथ बैठकर शराब पी थी। इसी दौरान दोनों में झगड़ा हो गया। आरोप है कि इसके बाद कुंभार ने लोहे की किसी चीज से खाडे के सिर पर वार किया, जिससे वह बेहोश हो गया। फिर उसने हंसिए से खाडे के दोनों पैर घुटने के नीचे से काट दिए, ऐसा आरोप है।
पुलिस का कहना है कि सबूत नष्ट करने की कोशिश में आरोपी ने कथित तौर पर कटे हुए पैर एक बोरी में भरे और रामकृष्ण मंगल कार्यालय और कटेपुरम चौक के बीच सड़क किनारे कचरे में फेंक दिए।
बोरी में मिला SIM कार्ड का कवर इस केस में सबसे अहम सबूत साबित हुआ। उसी की मदद से पुलिस ने मामले की गुत्थी सुलझाई और कुंभार को कुछ ही घंटों के भीतर गिरफ्तार कर लिया।
यह कार्रवाई सांगवी पुलिस की टीम ने पुलिस उपायुक्त संदीप अटोले, सहायक पुलिस आयुक्त मनीषा कदम और वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक जितेंद्र कोली के मार्गदर्शन में की।
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