रिश्वत मांगने के आरोप में गिरफ्तार PCMC के चीफ इंजीनियर प्रमोद ओंभासे सस्पेंड
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पिंपरी चिंचवड म्युनिसिपल कॉरपोरेशन ने टेंडर फाइल पर दस्तखत के लिए 19,000 रुपये की रिश्वत मांगने के आरोप में गिरफ्तार चीफ इंजीनियर को निलंबित कर दिया है।
पिंपरी चिंचवड, 5 नवंबर 2026: पिंपरी चिंचवड म्युनिसिपल कॉरपोरेशन (PCMC) के चीफ इंजीनियर प्रमोद सुधाकर ओंभासे को सस्पेंड कर दिया गया है। उन्हें एक ठेकेदार की टेंडर फाइल क्लियर करने के लिए 19,000 रुपये की रिश्वत की मांग के मामले में गिरफ्तार किया गया था। म्युनिसिपल कमिश्नर डॉ. विजय सूर्यवंशी ने बुधवार (4 नवंबर) को उनके खिलाफ विभागीय जांच के भी आदेश दिए।
सस्पेंशन 29 अक्टूबर से लागू माना गया है। यही वह दिन है जब ओंभासे की गिरफ्तारी हुई थी। वे नगर निगम के सिविल इंजीनियरिंग मुख्यालय में चीफ इंजीनियर-2 के पद पर काम कर रहे थे।
सस्पेंशन के आदेश के मुताबिक एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की जांच-पड़ताल में सामने आया कि ओंभासे ने कथित तौर पर एक ठेकेदार की टेंडर फाइल पर दस्तखत करने के लिए टेंडर रकम का 0.5 प्रतिशत, यानी 19,000 रुपये की रिश्वत मांगी थी। इस पर संत तुकाराम नगर पुलिस स्टेशन में उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया और उसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। कोर्ट ने उन्हें 14 नवंबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
नगर निगम प्रशासन ने कहा कि ओंभासे ने अपने पद और अधिकार का गलत इस्तेमाल किया, जिससे कॉरपोरेशन की बदनामी हुई।
संबंधित विभाग को निर्देश दिया गया है कि वह 15 दिन के भीतर आरोप पत्र जारी करे और जांच अधिकारी तथा प्रस्तुतकर्ता अधिकारी की नियुक्ति जल्द से जल्द करे।
सस्पेंशन के दौरान ओंभासे वरिष्ठ अधिकारियों की पहले से इजाजत लिए बिना नगर निगम मुख्यालय छोड़कर नहीं जा सकते। वे कोई दूसरी नौकरी या कारोबार भी नहीं कर सकते। उन्हें निर्वाह भत्ता तभी मिलेगा जब वे हर महीने यह घोषणा-पत्र जमा करें कि वे कोई और काम नहीं कर रहे हैं। आदेश में यह भी चेतावनी दी गई है कि अगर उन्होंने नगर निगम दफ्तर या उसके परिसर में कोई गलत आचरण किया तो उनके खिलाफ अलग से अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी।
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