गुरूवार, 5 नवंबर 2026

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पुणे: कमिश्नर के बंगले पर नशे में कार लेकर पहुंचा कॉन्स्टेबल अमोल भिसे गिरफ्तार, दो केस दर्ज

पुणे: कमिश्नर के बंगले पर नशे में कार लेकर पहुंचा कॉन्स्टेबल अमोल भिसे गिरफ्तार, दो केस दर्ज तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
जुर्म PT24 टीम

मंगलवार रात पुणे के पुलिस कमिश्नर अमितेश कुमार के सरकारी बंगले में एक पुलिस कॉन्स्टेबल ने हंगामा किया। उसे गिरफ्तार कर लिया गया है।

पुणे पुलिस के अपने ही एक कॉन्स्टेबल ने शहर के पुलिस कमिश्नर अमितेश कुमार के सरकारी बंगले पर मंगलवार को जमकर हंगामा किया। कैंटोनमेंट इलाके में बने इस बंगले पर वह शराब के नशे में कार लेकर पहुंचा था। आरोप है कि उसने कार गेट से भिड़ा दी और अंदर घुसने की कोशिश की। अब उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। बुधवार को अधिकारियों ने इस वाकये की पुष्टि की।

आरोपी का नाम अमोल वसंतराव भिसे है। उसकी उम्र 42 साल है और वह पुणे पुलिस मुख्यालय में तैनात है। घटना का वक्त अलग-अलग बताया गया है। कहीं मंगलवार शाम कहा गया है, तो कहीं मंगलवार रात। इतना तय है कि मामला मंगलवार का ही है।

कार हुंदै कंपनी की थी और उसका नंबर MH 12 WZ 4056 बताया गया है। इस बात पर रिपोर्टों में फर्क है कि कार कितनी अंदर गई। कुछ जगह कहा गया कि वह बंगले के अंदर तक घुस गई। कमिश्नर ने खुद कहा कि भिसे ने गेट में गाड़ी मारी और अंदर घुसने की कोशिश की। उनके मुताबिक कार मुख्य गेट से टकराई और गेट को नुकसान पहुंचा। अमितेश कुमार के शब्दों में, "उसने गेट में गाड़ी मारी और अंदर घुसने की कोशिश की।"

एक बयान के मुताबिक भिसे ने वहां तैनात सुरक्षाकर्मियों पर भी गाड़ी चढ़ाने की कोशिश की, जब उन्होंने उसे रोका। किसी को चोट लगी या नहीं, यह अभी साफ नहीं है। हंगामा करीब आधे घंटे चला। बताया गया कि इस दौरान वह गालियां देता रहा और जवाब मांगता रहा।

शोर सुनकर कमिश्नर खुद बाहर निकल आए। उन्हें देखते ही भिसे घबरा गया और कार से उतर गया। उसने कमिश्नर से कहा कि आप ही मेरे "गॉडफादर" हैं, और फिर तबादले की बात करने लगा। तभी वहां मौजूद पुलिस वालों ने उसे पकड़ लिया। उसे पहले बंडगार्डन पुलिस स्टेशन ले जाया गया और वहां से मेडिकल जांच के लिए ससून अस्पताल। कहा गया है कि अस्पताल में भी उसने खूब हंगामा किया।

अब वजह की बात। एक बयान के मुताबिक कमिश्नर ने भिसे का तबादला पुलिस मुख्यालय में कर दिया था और इसी से वह भड़का। दूसरी रिपोर्ट कहती है कि वह शहर के किसी खास पुलिस स्टेशन में जाना चाहता था और तबादलों की ताजा लिस्ट में उसे वह जगह नहीं मिली। पुलिस महकमे में भी यही चर्चा है कि मनपसंद ट्रांसफर न मिलने से वह नाराज था। पर आधिकारिक तौर पर वजह अब तक नहीं बताई गई है।

कमिश्नर के मुताबिक भिसे का अनुशासन का रिकॉर्ड अच्छा नहीं है और कई मामलों में उसका नाम पहले भी आ चुका है। उस पर कई अपराधों में शामिल होने का आरोप भी बताया गया है। उसे 2025 में सस्पेंड किया गया था। एक रिपोर्ट के अनुसार यह कार्रवाई पत्नी की शिकायत पर दर्ज मामले के बाद हुई थी। निलंबन खत्म होने पर 2026 में उसे दोबारा नौकरी पर ले लिया गया और मंगलवार को ही उसे पुलिस मुख्यालय में तैनाती दी गई थी।

कमिश्नर ने यह भी कहा कि भिसे नशे में दिख रहा था और उसकी मानसिक हालत ठीक नहीं लग रही थी। पुलिस का कहना है कि वह कथित तौर पर मानसिक सेहत की परेशानियों से भी जूझ रहा है।

भिसे पर दो अलग-अलग मामले दर्ज हुए हैं। कोरेगांव पार्क पुलिस स्टेशन में हत्या की कोशिश का केस है, और बंडगार्डन पुलिस स्टेशन में सरकारी काम में बाधा डालने का। एफआईआर नंबर और लगाई गई धाराओं की जानकारी अभी सामने नहीं आई है।

पुलिस अब यह पता लगा रही है कि भिसे कमिश्नर के घर कार लेकर क्यों पहुंचा और जबरदस्ती अंदर क्यों घुसना चाहता था। उसके पुराने अनुशासन संबंधी रिकॉर्ड की जांच हो रही है। सस्पेंशन और फिर बहाली के हालात भी खंगाले जा रहे हैं। कहा जा रहा है कि शहर पुलिस के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है। फोर्स के भीतर इस बर्ताव को लेकर कड़ी नाराजगी है।

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