पार्किंग झगड़े में वकील पर मारपीट का आरोप, ट्रांसजेंडर महिला बोली पुलिस ने शिकायत नहीं ली
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
पुणे में मुबीना नाम की ट्रांसजेंडर महिला ने एक वकील पर पार्किंग विवाद के बाद मारपीट और गला दबाने की कोशिश का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि चतुशृंगी पुलिस ने शिकायत दर्ज नहीं की।
पुणे में मुबीना नाम की एक ट्रांसजेंडर महिला ने एक वकील पर मारपीट करने और गला दबाने की कोशिश करने का आरोप लगाया है। उनके मुताबिक यह सब बुधवार, 4 नवंबर को कार पार्किंग को लेकर हुए झगड़े के बाद हुआ।
मुबीना का यह भी कहना है कि मदद मांगने वे चतुशृंगी पुलिस स्टेशन गईं, लेकिन वहां पुलिस ने उनकी शिकायत दर्ज करने से मना कर दिया।
मुबीना ने वकील का नाम विरधवल दत्तात्रेय शिलीमकर बताया है। उनका आरोप है कि शिलीमकर ने उन्हें पीटा और गले से पकड़कर दबाने की कोशिश की।
मुबीना के बयान के अनुसार वे फैमिली प्लानिंग एसोसिएशन में लेजर ट्रीटमेंट के लिए गई थीं। उसी वक्त पार्किंग को लेकर बहस शुरू हुई। उनका आरोप है कि इस बहस के दौरान शिलीमकर ने उन पर हाथ उठाया।
मुबीना का दावा है कि इसके बाद शिलीमकर अपनी कार में बैठ गए और उनके ट्रांसजेंडर होने का मजाक उड़ाया। उनके कहे मुताबिक वह ताली बजाकर चिढ़ाते रहे और बोले कि ट्रांसजेंडर लोगों की जगह झुग्गी में है। मुबीना ने अपने शरीर पर खरोंच के निशान भी दिखाए। उनका कहना है कि ये निशान उसी मारपीट से आए हैं।
घटना के बाद मुबीना शिकायत देने और शिलीमकर के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने के लिए चतुशृंगी पुलिस स्टेशन पहुंचीं। उनका आरोप है कि पुलिस ने उनकी शिकायत नहीं ली।
इस मामले से जुड़ा एक वीडियो भी सामने आया है। वीडियो में मुबीना पास में खड़े पुलिसवालों से पूछती दिखती हैं कि उनकी शिकायत दर्ज क्यों नहीं की जा रही। वे यह भी पूछती सुनाई देती हैं कि मारपीट के बावजूद उस आदमी पर कोई कार्रवाई क्यों नहीं हो रही।
ये सारी बातें मुबीना के आरोप हैं। शिलीमकर या चतुशृंगी पुलिस की तरफ से इस मारपीट के बारे में अब तक कोई जानकारी नहीं आई है। उनका पक्ष आने का इंतजार है।
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