पुणे में पेंशन के नाम पर साइबर ठगी, दो रिटायर्ड लोगों के 20.92 लाख रुपये उड़ाए गए
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पुणे में पेंशन से जुड़ी दो साइबर ठगी की वारदातों में एक 83 साल के रिटायर्ड कारोबारी और 59 साल की रिटायर्ड प्रिंसिपल के कुल 20.92 लाख रुपये चले गए। इसके बाद पुलिस ने एक बार फिर लोगों से, खासकर बुजुर्गों से, सावधान रहने की अपील की है।
पहला मामला धायरी के रहने वाले 83 साल के अशोक शांताराम देशमुख का है। उनके साथ 10.43 लाख रुपये की ठगी हुई। आरोप है कि साइबर ठगों ने फेसबुक पर एक विज्ञापन के जरिए लाइफ सर्टिफिकेट अपडेट कराने में मदद के बहाने उनका मोबाइल फोन हैक कर लिया।
देशमुख ने अपनी शिकायत में बताया है कि यह ठगी 6 अक्टूबर को शाम 6.30 बजे से 8 बजे के बीच हुई। ठगों ने फेसबुक पर 'BOI Life Certificate Update for All Pensioners' के नाम से विज्ञापन दिया था। आरोप है कि उन्होंने देशमुख को लाइफ सर्टिफिकेट अपलोड करने के लिए एक फॉर्म भरने को कहा और इसके बाद उनके मोबाइल फोन और बैंक की जानकारी तक पहुंच बना ली।
शिकायतकर्ता के बैंक ऑफ इंडिया के खातों से दो RTGS (रियल टाइम ग्रॉस सेटलमेंट) और 13 UPI (यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस) ट्रांजैक्शन के जरिए पैसे निकाले गए। देशमुख के खाते बैंक की नवी पेठ और सिंहगढ़ रोड शाखाओं में हैं। पुलिस ने अज्ञात मोबाइल फोन यूजर, बैंक खाताधारकों और उन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है जिनके खातों में ठगी की रकम भेजी गई या जो उन खातों को चला रहे थे।
नांदेड़ सिटी पुलिस स्टेशन के सीनियर पुलिस इंस्पेक्टर अतुल भोस ने कहा, "हम मामले की जांच कर रहे हैं। यह केस हमें साइबर पुलिस स्टेशन से सौंपा गया है।" मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 318(4), 336(3), 340(2) और 3(5) के साथ इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एक्ट की धारा 43, 66, 66C और 66D के तहत दर्ज हुआ है। पुलिस के मुताबिक जांच में पैसे के लेन-देन का पता लगाने, रकम पाने वाले बैंक खातों की पहचान करने और इस ठगी में शामिल लोगों का पता लगाने पर जोर रहेगा।
दूसरा मामला बाणेर की रहने वाली 59 साल की रिटायर्ड प्रिंसिपल का है, जिनके 10.49 लाख रुपये गए। आरोप है कि एक अज्ञात व्यक्ति ने नेशनल पेंशन स्कीम (NPS) में पैसे जमा कराने में मदद के बहाने उनके साथ धोखाधड़ी की।
शिकायतकर्ता स्नेहा रवि लल्ला ने पुलिस को बताया कि ठग ने उनके मोबाइल पर एक लिंक भेजा और कहा कि इससे उन्हें पेंशन स्कीम के फायदे मिल सकेंगे। आरोप है कि आरोपी ने प्रक्रिया में मदद की पेशकश करके उनका भरोसा जीता और उनसे मोबाइल की स्क्रीन शेयर करने को कहा। शिकायत के मुताबिक उसने डेबिट कार्ड की डिटेल और पिन भी मांगे, जो उन्होंने दे दिए। इसके बाद ठग ने ऑनलाइन ट्रांसफर के जरिए उनके NKGSB बैंक खाते से 5 लाख रुपये और कैनरा बैंक खाते से 5.49 लाख रुपये निकाल लिए।
बाणेर पुलिस स्टेशन के सीनियर पुलिस इंस्पेक्टर चंद्रशेखर सावंत ने कहा, "जिस मोबाइल नंबर से शिकायतकर्ता से संपर्क किया गया और जिन ट्रांजैक्शन से पैसे भेजे गए, उनकी हम जांच कर रहे हैं।" पैसे पाने वाले खातों और आरोपी की पहचान की जानकारी की पुष्टि की जा रही है।
पुलिस ने पेंशनधारकों को आगाह किया है। साइबर ठग अक्सर सोशल मीडिया के विज्ञापनों और सरकारी सेवाओं, पेंशन भुगतान और लाइफ सर्टिफिकेट अपडेट से जुड़े मैसेज के जरिए भोले-भाले लोगों को निशाना बनाते हैं। ऐसे विज्ञापन लोगों को फर्जी लिंक या फॉर्म पर भेज सकते हैं, जिनका मकसद बैंक की संवेदनशील जानकारी या फोन तक पहुंच हासिल करना होता है।
पुलिस का कहना है कि पेंशनधारक लाइफ सर्टिफिकेट से जुड़े निर्देश बैंक के आधिकारिक माध्यमों और सरकारी पोर्टल से ही जांच लें। अनजान लिंक पर क्लिक न करें और अनजान लोगों को बैंक की जानकारी, OTP या स्क्रीन का एक्सेस न दें।
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