मंगलवार, 3 नवंबर 2026

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हिंजवडी-माण-मारुंजी के छह DP रोड: जमीन अधिग्रहण तेज होगा, TDR एक महीने में निपटेगा

हिंजवडी-माण-मारुंजी के छह DP रोड: जमीन अधिग्रहण तेज होगा, TDR एक महीने में निपटेगा तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
शहर PT24 टीम

जिलाधिकारी जितेंद्र डूडी ने हिंजवडी-माण-मारुंजी इलाके के छह प्रस्तावित DP रोड के लिए अधिकारियों को जमीन अधिग्रहण में तेजी लाने और TDR प्रक्रिया एक महीने में पूरी करने को कहा है।

पिंपरी चिंचवड: हिंजवडी-माण-मारुंजी इलाके में प्रस्तावित छह डेवलपमेंट प्लान (DP) रोड के लिए जमीन अधिग्रहण का काम अब तेजी से होगा। जिलाधिकारी जितेंद्र डूडी ने अधिकारियों से कहा है कि ट्रांसफर ऑफ डेवलपमेंट राइट्स (TDR) की प्रक्रिया एक महीने के अंदर खत्म की जाए। सड़क बनाने का काम दिसंबर 2026 में शुरू होना तय है।

डूडी ने सोमवार को हुई समीक्षा बैठक में ये निर्देश दिए। बैठक में इस औद्योगिक पट्टे की ट्रैफिक जाम की समस्या, खराब सड़कें, पानी की सप्लाई, नागरिक सुविधाएं और बाकी इंफ्रास्ट्रक्चर पर बात हुई। पुणे महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (PMRDA), महाराष्ट्र औद्योगिक विकास महामंडल (MIDC), लोक निर्माण विभाग (PWD), पुलिस और स्थानीय निकायों के अधिकारी बैठक में मौजूद थे।

जिलाधिकारी ने सभी विभागों से कहा कि टेंडर और प्रशासकीय मंजूरियों का काम जल्दी निपटाएं, ताकि दिसंबर में इंफ्रास्ट्रक्चर के काम शुरू हो सकें। उन्होंने कहा, "हिंजवडी में स्टॉर्मवॉटर ड्रेनेज, junction सुधार और दूसरे इंफ्रास्ट्रक्चर कामों के लिए फंड मंजूर हो चुका है। अधिकारियों से कहा गया है कि वे प्रस्ताव, अनुमान और टेंडर के दस्तावेज तैयार करें और जरूरी मंजूरियां लें।"

छह DP रोड के बारे में डूडी ने कहा कि अधिकारी जमीन मालिकों की सहमति लें और अधिग्रहण में तेजी लाएं। इनमें से दो सड़कों के लिए किसान फ्लोर स्पेस इंडेक्स (FSI) के रूप में मुआवजा लेने को तैयार हो गए हैं। उन्होंने कहा कि इन दोनों सड़कों का अधिग्रहण पहले चरण में लिया जाए। बाकी चार सड़कों के लिए जमीन मालिकों के साथ अलग से बैठकें होंगी।

चीफ इंजीनियर और भूमि अधिग्रहण अधिकारियों को कहा गया है कि TDR की प्रक्रिया एक महीने में पूरी करें। अगली बैठक में उन्हें अधिग्रहण और काम की शुरुआत का समयबद्ध शेड्यूल भी पेश करना होगा।

कलेक्टर ने यह भी कहा कि बड़ी सड़कों पर गड्ढे और सड़क के किनारे तय समय में ठीक किए जाएं, अतिक्रमण हटाए जाएं, भारी गाड़ियों की आवाजाही पर नियंत्रण रखा जाए और सड़कों के मालिक विभागों के बीच तालमेल बेहतर हो।

बैठक में मेट्रो स्टेशनों से आसपास के औद्योगिक और रिहायशी इलाकों तक आखिरी छोर की कनेक्टिविटी सुधारने पर भी चर्चा हुई, ताकि लोग पब्लिक ट्रांसपोर्ट का ज्यादा इस्तेमाल करें। बाणेर, बालेवाड़ी और हिंजवडी फेज 2 और फेज 3 के स्टेशनों को जोड़ने वाली सड़कों और परिवहन सुविधाओं की भी समीक्षा हुई।

बिजली की मांग बढ़ रही है, इसलिए डूडी ने अधिकारियों से कहा कि नए सबस्टेशन के लिए छह एकड़ जमीन महाराष्ट्र स्टेट इलेक्ट्रिसिटी ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड (MSETCL) को सौंपने की प्रक्रिया शुरू करें।

महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण (MJP) को हिंजवडी और आसपास के इलाकों के लिए 2 TMC (थाउजेंड मिलियन क्यूबिक फीट) पानी के इस्तेमाल की विस्तृत योजना बनाने को कहा गया है। इसमें मौजूदा सप्लाई, उपलब्ध स्रोत और आगे की जरूरतों का ब्योरा होना चाहिए।

पिंपरी-चिंचवड महानगरपालिका (PCMC) को निर्देश मिला है कि वह गांवों का कचरा उठाने और उसे वैज्ञानिक तरीके से निपटाने के लिए पास की ग्राम पंचायतों के साथ करार करे। कलेक्टर ने कहा, "अधिकारी अनधिकृत डंपिंग वाली जगहों का सर्वे भी करें, जिम्मेदार लोगों को कानूनी नोटिस दें और दंडात्मक कार्रवाई शुरू करें।"

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