पुणे में आवारा मवेशियों के लिए PMC बनाएगी अस्थायी चारा केंद्र और पीने के पानी का इंतज़ाम
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पुणे महानगरपालिका की स्टैंडिंग कमेटी ने पानी की किल्लत के दौरान आवारा और छोड़े गए मवेशियों के लिए अस्थायी चारा केंद्र और पानी की सुविधा का प्रस्ताव मंज़ूर किया है।
पुणे, 5 नवंबर 2026: पुणे महानगरपालिका (PMC) शहर में आवारा और छोड़ दिए गए मवेशियों के लिए अस्थायी चारा केंद्र और पीने के पानी की सुविधा शुरू करेगी। मकसद यह है कि पानी की किल्लत के दौर में इन जानवरों की बुनियादी ज़रूरतें पूरी होती रहें। PMC की स्टैंडिंग कमेटी ने गुरुवार को यह प्रस्ताव मंज़ूर कर दिया। प्रस्ताव कॉर्पोरेटर और कमेटी सदस्य सुहास टिंगरे ने रखा था।
प्रस्ताव के मुताबिक जिन इलाकों में आवारा मवेशी ज़्यादा हैं, वहां अस्थायी चारा केंद्र बनाए जाएंगे। इसके अलावा सार्वजनिक जगहों पर पानी के बर्तन और टंकियां रखी जाएंगी। इनमें मुख्य चौराहे, खुली जगहें और वे इलाके शामिल हैं जहां आवारा जानवर अक्सर पहुंचते हैं। इन जगहों पर जानवरों को पीने का पानी मुफ़्त मिलेगा।
यह प्रस्ताव ऐसे वक्त आया है जब पुणे में एक दिन छोड़कर पानी सप्लाई लागू होने की संभावना है। टिंगरे ने कहा कि पानी कम मिलने से आवारा मवेशियों के लिए पीने का पानी मिलना मुश्किल हो सकता है, और वे पानी की तलाश में भटकने को मजबूर हो जाएंगे।
इससे पहले 32 गांव PMC की सीमा में शामिल हुए थे। उसके बाद टिंगरे ने छोड़े गए और आवारा मवेशियों की ठीक से देखभाल के लिए पक्की और पूरी सुविधाओं वाली गौशालाएं बनाने का प्रस्ताव रखा था। उस प्रस्ताव को PMC की जनरल बॉडी पहले ही मंज़ूरी दे चुकी है। लेकिन इन गौशालाओं को बनने में वक्त लगने की उम्मीद है। इसलिए टिंगरे ने ज़ोर दिया कि तब तक जानवरों के खाने और पानी के लिए अस्थायी इंतज़ाम ज़रूरी हैं।
टिंगरे की मांग है कि अस्थायी चारा केंद्र और पीने के पानी की सुविधाएं एक दिन छोड़कर पानी सप्लाई के पहले दिन से ही चालू हो जाएं। इस पहल में गौशाला संस्थाएं, गौरक्षा से जुड़े संगठन और पशु कल्याण के लिए काम करने वाले NGO भी शामिल होंगे।
प्रस्ताव में यह भी कहा गया है कि इन इंतज़ामों को असरदार तरीके से लागू करने के लिए PMC ज़रूरी ज़मीन, मैनपावर और पैसा मुहैया कराए।
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