प्रिस्टीन प्रॉपर्टीज को ऑडिट में 73.5/100 का वर्किंग स्कोर, हर प्रोजेक्ट को अलग परखने की सलाह
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
पुणे के बिल्डर प्रिस्टीन प्रॉपर्टीज के 2026 के बिल्डर ऑडिट में वर्किंग स्कोर 73.5/100 रहा। ऑडिट के मुताबिक हर प्रोजेक्ट का रेरा रिकॉर्ड अलग देखना जरूरी है।
पुणे के बिल्डर प्रिस्टीन प्रॉपर्टीज का 2026 का बिल्डर ऑडिट सामने आया है। इसमें कंपनी को 100 में से 73.5 का वर्किंग स्कोर मिला है। ऑडिट का कहना है कि यह स्थायी रैंकिंग नहीं है। यह सितंबर 2026 तक की सार्वजनिक जानकारी पर टिका है और नई महारेरा फाइलिंग, कम्प्लीशन सर्टिफिकेट, वित्तीय जानकारी, कोर्ट के आदेश या बिल्डर के जवाब आने पर बदल सकता है। सबूतों का भरोसा "मध्यम से ऊंचा" आंका गया है।
कंपनी खुद को पुणे की जड़ों वाला डेवलपर बताती है, जिसके पास चार दशक से ज्यादा का अनुभव है, 40 से ज्यादा पूरे हो चुके प्रोजेक्ट हैं और 10,000 से ज्यादा परिवार हैं। इसके प्रोजेक्ट रिहायशी, कमर्शियल और हॉस्पिटैलिटी, तीनों में हैं। वाकड, मोशी, महालुंगे, औंध, कल्याणी नगर, वाघोली, रावेत, खराडी और आकुर्डी समेत कई इलाकों में इसका काम फैला है। ऑडिट के हिसाब से पूरे हो चुके प्रोजेक्ट इसकी सबसे बड़ी ताकत हैं, क्योंकि खरीदार जाकर उन्हें देख सकते हैं।
स्कोर का बंटवारा इस तरह है: डिलीवरी और एक्जीक्यूशन में 14/20, ट्रैक रिकॉर्ड में 13.5/15, महारेरा और रेगुलेटरी रिकॉर्ड में 8.5/15, निर्माण की क्वालिटी में 7.5/10, ग्राहक अनुभव में 6.5/10, वित्तीय मजबूती में 6/10, पुणे में मौजूदगी और स्केल में 9.5/10, पारदर्शिता और गवर्नेंस में 3.5/5 और इनोवेशन व सस्टेनेबिलिटी में 4.5/5।
ऑडिट की एक अहम बात यह है कि प्रिस्टीन के सारे प्रोजेक्ट एक ही कानूनी इकाई के नीचे नहीं हैं। प्रिस्टीन कायरा हाईस्पॉट रियलटर्स एलएलपी के नाम पर रजिस्टर्ड है, प्रिस्टीन अलूर के प्रोजेक्ट महालक्ष्मी शेल्टर्स के तहत दिखते हैं और योओ प्रिस्टीन मेगापिलर रियल्टी एलएलपी के नाम पर है। ऑडिट के मुताबिक खरीदार को महारेरा में दर्ज प्रमोटर की जांच करनी चाहिए।
रेगुलेटरी रिकॉर्ड मिलाजुला है। प्रिस्टीन ग्रीन्स फेज वन में नौ शिकायतें दर्ज हैं, जबकि फेज तीन में दो। प्रोस्पेरिया पार्ट वन में तीन शिकायतें हैं, पर उनमें कुछ मामले खुद प्रिस्टीन प्रॉपर्टीज ने आवंटियों के खिलाफ दर्ज किए हैं, इसलिए ऑडिट इन्हें सीधे ग्राहकों की शिकायत नहीं गिनता। प्रोस्पेरिया पार्ट टू में कोई शिकायत नहीं है। कायरा में दो शिकायतें निपट चुकी हैं और मुकदमे घोषित हैं। महारेरा के 16 जुलाई 2025 के आदेश में दर्ज है कि कायरा के एक फेसबुक विज्ञापन में महारेरा नंबर, वेबसाइट का पता और क्यूआर कोड नहीं था। ऑडिट इसे विज्ञापन के खुलासे का मामला मानता है, प्रोजेक्ट में खामी का नहीं।
पारदर्शिता के मोर्चे पर सितंबर 2018 का क्रिसिल का मामला भी दर्ज है। प्रिस्टीन ग्रीन्स के ब्लॉक ए, बी, डी और ई को पहले क्रिसिल की 6-स्टार ग्रेडिंग मिली थी, मगर कंपनी ने समीक्षा के लिए पूरी जानकारी नहीं दी, इसलिए क्रिसिल ने ग्रेडिंग निलंबित कर दी। ऑडिट साफ कहता है कि इसका मतलब यह नहीं कि प्रोजेक्ट में खोट था या कंपनी आर्थिक संकट में थी।
ग्राहकों की राय भी बंटी हुई है। ट्रस्टइंडेक्स पर कंपनी की गूगल से जुड़ी प्रोफाइल 247 रिव्यू में 4.2/5 पर है, जिनमें 165 पांच-स्टार और 33 एक-स्टार हैं। हाउसिंग डॉट कॉम पर प्रिस्टीन प्रोलाइफ 18 रिव्यू के आधार पर 4.3/5 पर है, पर सीपेज और भारी मेंटेनेंस चार्ज की बात भी वहां आई है। जस्टडायल पर प्रिस्टीन ग्रीन्स मोशी 154 रेटिंग में 3.1/5 पर है। ऑडिट इन्हें पुष्ट तथ्य नहीं, सिर्फ संकेत मानता है।
वित्तीय तस्वीर पर ऑडिट का कहना है कि पूरी कंपनी का एकीकृत डेटा सार्वजनिक नहीं है। टोफलर के मार्च 2025 के आंकड़ों में प्रिस्टीन प्रॉपर्टीज एंड डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड नाम की एक इकाई का उधार साल दर साल 47.15% बढ़ा और नेटवर्थ 7.96% घटी, जबकि डेट-टू-इक्विटी 0.18x रहा। यह सिर्फ एक इकाई का रिकॉर्ड है, पूरे ब्रांड का नहीं।
नए प्रोजेक्ट योओ प्रिस्टीन में आकुर्डी में करीब छह एकड़ पर चार टावर और 882 यूनिट हैं। इसका महारेरा नंबर P52100078555 है और पजेशन दिसंबर 2030 बताया गया है। ऑडिट की सलाह है कि इतने लंबे प्रोजेक्ट में ब्रांड के पुराने इतिहास को भविष्य की डिलीवरी का सबूत न मानें।
ऑडिट के मुताबिक प्रिस्टीन ने अपने पूरे किए काम से पुणे में अच्छी जगह बनाई है, पर हर नए प्रोजेक्ट को डिलीवरी, दस्तावेज और एक्जीक्यूशन से खरीदार का भरोसा खुद जीतना होगा। बिल्डर को जवाब देने का मौका दिया जाएगा।
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