निलेश राणे का नवनाथ बन पर पलटवार, शिंदे पर बोलते वक्त औकात में रहने को कहा
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विधान परिषद चुनाव के नतीजों के बाद शिंदे की शिवसेना और भाजपा के बीच खींचतान तेज हो गई है। इसी बीच विधायक निलेश राणे ने भाजपा प्रवक्ता नवनाथ बन के खिलाफ सोशल मीडिया पर पोस्ट की।
राज्य में स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के विधान परिषद चुनाव के नतीजे आने के बाद एकनाथ शिंदे की शिवसेना और भाजपा के बीच विवाद गरमा गया है। राज्य की पाँच सीटों पर विधान परिषद का चुनाव हुआ था। इनमें महाविकास अघाड़ी ने स्नातक की तीनों सीटें जीतीं, जबकि सत्ताधारी महायुति ने शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की दोनों सीटें अपने नाम कीं। पाँच में से सिर्फ दो सीटें मिलने की वजह से महायुति के अंदर अब आपसी तनातनी चल रही है।
पुणे की सीट पर भाजपा के उम्मीदवार की हार हुई। भाजपा प्रवक्ता नवनाथ बन ने आरोप लगाया था कि एकनाथ शिंदे की शिवसेना ने साथ नहीं दिया, इसी वजह से भाजपा उम्मीदवार हारा। उनका आरोप था कि शिवसेना की भूमिका से महायुति का गणित बिगड़ गया। इसके बाद शिंदे की शिवसेना के नेता आक्रामक हो गए थे और उन्होंने नवनाथ बन को जवाब देना शुरू कर दिया था। अब इस पूरे विवाद में निलेश राणे भी कूद पड़े हैं।
निलेश राणे एकनाथ शिंदे की शिवसेना के विधायक हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट करके नवनाथ बन को निशाने पर लिया। राणे ने लिखा, "नवनाथ बन, शिंदे साहब पर बोलते वक्त औकात में रहना। तुम्हारी औकात कितनी है और तुम बोलते कितना हो।" अब देखना होगा कि इस टिप्पणी के बाद नवनाथ बन राणे को जवाब देते हैं या नहीं।
इस बीच उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने शिवसेना के नेताओं और पदाधिकारियों को सलाह दी है कि विधान परिषद चुनाव के नतीजों के बाद महायुति में जो मतभेद पैदा हुआ है, उसे और न बढ़ाएँ। शिंदे ने कहा है कि चुनाव के नतीजों पर महायुति के तौर पर आत्मपरीक्षण किया जाए और जो गलतियाँ हुईं, वे दोबारा न हों। उन्होंने यह भी कहा कि इसका ध्यान रखा जाए कि गठबंधन में दरार न पड़े और आपसी विवाद का फायदा विरोधियों को न मिले।
जानकारी के मुताबिक महायुति के तौर पर काम करते समय हुई गलतियों और कमियों की विस्तृत रिपोर्ट स्थानीय पदाधिकारियों से मंगवाई गई है। महायुति समन्वय समिति और वरिष्ठ नेताओं की बैठक में इन मुद्दों पर विस्तार से चर्चा होगी। फिलहाल शिवसेना के प्रवक्ता और पदाधिकारी मीडिया के सामने सहयोगी दलों की आलोचना न करें। एकनाथ शिंदे ने गुरुवार रात हुई बैठक में निर्देश दिया कि मतभेद से बचते हुए सब एकजुट होकर फिर से काम पर लगें।
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