जय पवार CID अफसरों से मिले, अजित पवार के विमान हादसे की जांच पर मांगा हिसाब
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
NCP नेता जय पवार ने पुणे में CID के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात कर पिता और पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार की मौत वाले विमान हादसे की जांच की ताजा स्थिति जानी।
पुणे में 28 अक्टूबर को NCP के युवा नेता जय पवार क्राइम इन्वेस्टिगेशन महकमे यानी CID के अफसरों से मिलने पहुंचे। मकसद एक ही था: उनके पिता और राज्य के पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार की जान लेने वाले विमान हादसे की जांच अब कहां खड़ी है, यह सीधे अफसरों से पूछना। हादसे को आज ठीक नौ महीने हो चुके हैं।
मुलाकात से पहले ही माहौल गर्म था। जांच CID के पास है, मगर इन नौ महीनों में कोई नई बात बाहर नहीं आई। अजितदादा के समर्थक उलझन में हैं और पूछ रहे हैं कि इतने दिन बाद भी हादसे का राज क्यों नहीं खुला। विपक्ष भी बार बार निशाना साधता रहा है कि सत्ता में रहते हुए भी दादा के गुट को अपने ही नेता की जांच की फिक्र नहीं दिखती, और परिवार चुप है।
बातचीत में जय पवार ने जानना चाहा कि जांच इस वक्त किस मोड़ पर है, अब तक क्या-क्या कदम उठे, कौन से पहलू अभी अधूरे हैं और पूरा मामला निपटने में और कितना वक्त लगेगा। बैठक में MLC विक्रम काकडे भी उनके साथ थे। ABP की मानें तो पूरी बातचीत करीब 5 से 10 मिनट चली।
अफसरों की तरफ से जवाब CID के एडिशनल डीजी सुनील रामानंद ने दिया। उनके मुताबिक केंद्र की एजेंसी AAIB, यानी विमान दुर्घटनाओं की जांच करने वाले ब्यूरो, की शुरुआती टेक्निकल रिपोर्ट CID के हाथ लग चुकी है और उसके तकनीकी मुद्दे फिलहाल परखे जा रहे हैं। रामानंद ने साफ किया कि AAIB की आखिरी रिपोर्ट आने पर ही आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी।
जय पवार ने मांग रखी कि जांच की रफ्तार बढ़े, कामकाज में पारदर्शिता रहे और बेवजह की देरी न हो। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ परिवार का मामला नहीं है, बल्कि "दादा को चाहने वाले लाखों लोगों के भरोसे का सवाल" है। अजित पवार को लोग प्यार से दादा ही बुलाते थे। जय का कहना था कि लोगों के मन में जो सवाल और चिंताएं हैं, उनका जवाब मिलना जरूरी है, हादसे के हर अहम पहलू को बारीकी से खंगाला जाए और तथ्य जनता के सामने रखे जाएं। उन्होंने यह भी जोड़ा कि अगर कहीं गड़बड़ी पकड़ में आती है तो जिम्मेदारी तय हो और कार्रवाई हो। सच सामने आने तक वे इस मामले का पीछा करते रहेंगे, जय ने इसे अपना पक्का इरादा बताया।
याद रहे कि अजित पवार की मौत 28 जनवरी 2026 की सुबह हुई थी। मुंबई से बारामती आ रहा चार्टर्ड लियरजेट 45 बारामती एयरपोर्ट पर उतरते समय गिर गया। विमान VSR Ventures Pvt Ltd का था और उसमें सवार बाकी लोगों की भी जान गई। बाद में राज्य सरकार ने जांच CID को सौंपी।
हादसे के बाद विधायक रोहित पवार ने शक जताया था कि यह हादसा नहीं, साजिश है। उन्होंने कई बार प्रेस कॉन्फ्रेंस करके सबूत रखे, उच्च स्तरीय जांच मांगी और चाहा कि पहले केस दर्ज हो। उन्होंने केस दर्ज कराने की कोशिश भी की, पर उनकी शिकायत पर केस दर्ज नहीं हुआ। उधर उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार की अगुवाई में NCP नेताओं ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मिलकर CBI जांच की मांग रखी थी, लेकिन मामला आज तक CBI को नहीं सौंपा गया और जांच CID के पास ही है।
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