किवळे प्रोजेक्ट पर रोक, सर्वे मैप रद्द होने के बाद पिंपरी-चिंचवड महापालिका ने बिल्डिंग परमिशन रोकी
भूमि अभिलेख विभाग ने सर्वे नंबर 3/1/3 और 3/2 का नक्शा रद्द किया तो पिंपरी-चिंचवड महापालिका ने किवळे के बड़े प्रोजेक्ट का निर्माण रोक दिया।
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पिंपरी-चिंचवड महानगरपालिका (PCMC) ने किवळे के एक बड़े प्रोजेक्ट का निर्माण रुकवा दिया है। वजह यह है कि भूमि अभिलेख विभाग ने जमीन की पैमाइश का नक्शा रद्द कर दिया। महानगरपालिका के 'जे' क्षेत्रीय कार्यालय ने बिल्डर की निर्माण अनुमति अगले आदेश तक के लिए अस्थायी तौर पर निलंबित कर दी है। जिन कागजात के आधार पर मंजूरी मिली थी, वही अब रद्द हो चुके हैं।
यह प्रोजेक्ट किवळे में सर्वे नंबर 3/1/3 और 3/2 की जमीन पर बन रहा था। महानगरपालिका ने इसकी पहली बिल्डिंग परमिशन, जिसका नंबर BP/Kiwale/90/2024 है, 2 सितंबर 2024 को एम/एस श्री साई कैपस्टोन के पार्टनर सुखबीर कपूर सिंह चौधरी को दी थी।
मामला तब उठा जब दत्तात्रय गंगाराम चिंचवडे ने जमीन की पैमाइश पर आपत्ति जताई और उप अधीक्षक, भूमि अभिलेख के पास अपील दायर की। अपील की सुनवाई के बाद उप अधीक्षक ने 25 अगस्त 2026 को आदेश जारी किया। इस आदेश में संपत्ति की पहले हुई पैमाइश और बिल्डर को दी गई सर्वे नक्शे की 'सी' कॉपी रद्द कर दी गई।
किवळे के सर्वे नंबर 3/1/3 और 3/2 का नक्शा रद्द होने के बाद महानगरपालिका के नगर रचना विभाग ने निर्देश दिया कि एम/एस साई कैपस्टोन पार्टनरशिप का इस जमीन पर चल रहा काम तुरंत रोक दिया जाए। विभाग ने पहले दिए गए डेवलपमेंट प्लान रिमार्क्स और मार्जिनल डिस्टेंस की जांच से जुड़े प्रमाणपत्र भी तुरंत प्रभाव से रद्द कर दिए।
चिंचवडे की शिकायत पर कानूनी राय लेने के बाद पीसीएमसी के नगर रचना के उप निदेशक ललित खोबरागडे ने यह कार्रवाई शुरू की। भूमि अभिलेख के अधीक्षक विकास गोफणे ने 25 अगस्त 2026 को सर्वे नक्शा रद्द किया था। यही नक्शा इस प्रोजेक्ट के लिए महानगरपालिका की मंजूरियों का आधार था।
इसके बाद पीसीएमसी के 'जे' क्षेत्रीय अधिकारी अश्विनी गायकवाड ने 22 सितंबर 2026 को आदेश जारी किया। आदेश में कहा गया कि इस प्लॉट की बिल्डिंग परमिशन अगले आदेश तक तुरंत प्रभाव से अस्थायी रूप से निलंबित रहेगी।
अंतिम नतीजा अदालत के फैसलों पर निर्भर रहेगा। महानगरपालिका ने अपने आदेश में साफ किया है कि यह निलंबन पुणे की सिविल कोर्ट और शिवाजीनगर की जिला अदालत में चल रहे मामलों के अंतिम फैसलों के अधीन रहेगा।
आदेश में एम/एस श्री साई कैपस्टोन के पार्टनर सुखवीर चौधरी और दूसरे लोगों को भी छूट दी गई है कि वे तय समय सीमा के अंदर भूमि अभिलेख अधीक्षक के पास इस फैसले के खिलाफ अपील कर सकते हैं। आदेश के मुताबिक उस अपील का अंतिम फैसला दोनों पक्षों पर लागू होगा, और महानगरपालिका उसी के हिसाब से आगे का अंतिम निर्णय लेगी।
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