नशे के संदिग्ध का पीछा करते पिंपरी चिंचवाड़ के पुलिसकर्मी की दिल का दौरा पड़ने से मौत
संत तुकाराम नगर में एमडी बेचने वालों पर छापे के दौरान भागते आरोपी के पीछे दौड़े हेड कॉन्स्टेबल जावेद बगसिराज की मौत हो गई।
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
पिंपरी चिंचवाड़ पुलिस के नारकोटिक्स विरोधी दस्ते में तैनात 40 साल के हेड कॉन्स्टेबल की रविवार रात, 25 अक्टूबर को दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई। संत तुकाराम नगर में कथित तौर पर एमडी (मेफेड्रोन) बेचने वालों पर छापा मारा जा रहा था। इसी दौरान एक संदिग्ध भागने लगा और उसके पीछे दौड़ते हुए हेड कॉन्स्टेबल की तबीयत बिगड़ गई।
मृतक पुलिसकर्मी का नाम जावेद रफीक बगसिराज था। वे पिंपरी के मोरवाड़ी इलाके में रहते थे। पुलिस को सूचना मिली थी कि दो लोग इलाके में एमडी बेचने आने वाले हैं। बगसिराज ने यह जानकारी अपने वरिष्ठ अधिकारियों को दी और अपनी टीम के साथ मिलकर जाल बिछाया।
दस्ते ने इलाके की एक अंदरूनी हाउसिंग सोसायटी के पास पहले संदिग्ध को पकड़ लिया। लेकिन दूसरा संदिग्ध वहां से भाग निकला और बगसिराज उसके पीछे दौड़ पड़े। पहले आरोपी को पकड़े कुछ ही देर हुई थी। दूसरे का पीछा करते हुए बगसिराज अचानक गिर पड़े। गिरने से ठीक पहले उन्होंने सीने में तेज दर्द की शिकायत की थी।
उनके साथी उन्हें पिंपरी चिंचवाड़ महानगरपालिका के वायसीएम अस्पताल ले गए। वहां उन्हें दोबारा कार्डियक अरेस्ट आया और उनकी मौत हो गई।
बगसिराज 2010 में पुणे शहर पुलिस में भर्ती हुए थे। उन्होंने शुरू के आठ साल हडपसर और मुंधवा पुलिस स्टेशन में काम किया। साल 2018 में जब पिंपरी चिंचवाड़ पुलिस आयुक्तालय बना, तो वे नई फोर्स में चले गए और पिंपरी पुलिस स्टेशन में सेवा दी। बाद में उनकी तैनाती क्राइम ब्रांच में हुई और मौत के वक्त वे नारकोटिक्स विरोधी दस्ते के साथ काम कर रहे थे।
सोमवार को पुणे के कसबा पेठ के एक श्मशान घाट में उनका अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया गया।
बगसिराज के पीछे उनके माता-पिता, भाई और पत्नी हैं। उनके दो बच्चे भी हैं, 12 साल की एक बेटी और सात साल का एक बेटा।
कमेंट
अभी कोई कमेंट नहीं। पहले आप लिखिए।