शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026

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हडपसर डिपो में पीएमपीएमएल बस ने 79 साल की महिला को कुचला, मौत

हडपसर डिपो में पीएमपीएमएल बस ने 79 साल की महिला को कुचला, मौत तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
PT24 टीम

हडपसर गाडीतळ बस डिपो के अंदर गुरुवार सुबह तेज रफ्तार बस की चपेट में आने से कमलाबाई लोंढे की मौत हो गई।

पुणे के हडपसर गाडीतळ बस डिपो के अंदर गुरुवार सुबह पुणे महानगर परिवहन महामंडल लिमिटेड (पीएमपीएमएल) की एक बस ने 79 साल की एक महिला को कुचल दिया। आरोप है कि बस लापरवाही से चलाई जा रही थी। हादसा 30 अक्टूबर 2026 को हुआ और महिला की मौत हो गई। इस घटना से बस ड्राइवरों की लापरवाह ड्राइविंग और परिवहन संस्था के प्रशासन के कामकाज पर एक बार फिर सवाल उठे हैं।

मृतक महिला की पहचान कमलाबाई दादू लोंढे के रूप में हुई है, जो कैंप इलाके की रहने वाली थीं। उनके बेटे सुरेंद्र लोंढे ने पुलिस में शिकायत दी है। हादसा सुबह करीब 11.45 बजे हुआ। हडपसर पुलिस ने बस ड्राइवर तुषार देविदास कामठे को हिरासत में ले लिया है और उसके खिलाफ मामला दर्ज किया है।

सीनियर इंस्पेक्टर हेमंत पाटील के मुताबिक लोंढे बस डिपो के परिसर में खड़ी थीं, तभी हिंजवडी से भेकराई नगर जा रही तेज रफ्तार पीएमपीएमएल बस ने उन्हें टक्कर मार दी। वे बस के नीचे फंस गईं। आसपास के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे, उन्हें बाहर निकाला और ससून जनरल अस्पताल ले गए। लेकिन चोटें इतनी गंभीर थीं कि डॉक्टरों ने इलाज से पहले ही उन्हें मृत घोषित कर दिया।

शिवसेना के पुणे शहर प्रमुख प्रमोद उर्फ नाना भानगिरे ने इस घटना पर गुस्सा जताया। उन्होंने सवाल किया कि प्रशासन कार्रवाई करने से पहले और कितनी जानें जाने का इंतजार करेगा। उनका कहना था कि हडपसर गाडीतळ पर लोंढे को पीएमपीएमएल के भेकराई नगर डिपो की बस ने कुचला। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले भी ऐसे हादसों में लोगों की जान गई है, फिर भी परिवहन संस्था ने सुधार के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए।

भानगिरे ने यह भी पूछा कि निजी ठेकेदारों के जरिए रखे गए ड्राइवरों पर पीएमपीएमएल का कोई कंट्रोल है या नहीं, और क्या प्रशासन तभी जागेगा जब और लोग अपनी जान गंवा देंगे।

इस जानलेवा हादसे ने हडपसर गाडीतळ चौक के ट्रैफिक मैनेजमेंट की हालत भी सामने ला दी है। पीएमपीएमएल बसों, भारी गाड़ियों और सड़क किनारे बने बिना इजाजत के ऑटो रिक्शा स्टैंड की वजह से यहां जाम लगातार बढ़ रहा है।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि बस और ऑटो रिक्शा चलाने वाले अक्सर ट्रैफिक नियम तोड़ते हैं, जबकि ट्रैफिक पुलिस पर्याप्त कार्रवाई नहीं करती। हडपसर डिपो से निकलने वाली बसें चौक पर भीड़ और बढ़ा देती हैं, जिससे गाड़ियां आपस में उलझ जाती हैं। लोगों ने मांग की है कि गाड़ियों की आवाजाही काबू में रखने के लिए चौक के सिग्नल कम से कम 10 सेकंड तक चालू रखे जाएं।

ट्रैफिक अधिकारियों ने कहा कि बस ड्राइवरों को नियमित तौर पर ट्रैफिक नियम मानने के निर्देश दिए जाते हैं और शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाती है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर कोई ड्राइवर नियम तोड़ता मिले तो ट्रैफिक पुलिस को उचित कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए।

यह हादसा गाडीतळ-सासवड रोड पर ग्लाइडिंग सेंटर के गेट के पास करीब 10 दिन पहले हुए एक और गंभीर हादसे के ठीक बाद हुआ है। उस वक्त एक पीएमपीएमएल बस ने दोपहिया पर सवार एक युवती को पीछे से टक्कर मार दी थी। उसके पैर में गंभीर चोट आई और आखिरकार पैर काटना पड़ा। वह युवती पुलिस भर्ती की तैयारी कर रही थी, लेकिन इस हादसे ने उसका सपना तोड़ दिया।

स्थानीय लोगों और राजनीतिक प्रतिनिधियों का आरोप है कि बार-बार हादसे होने के बावजूद पीएमपीएमएल के ड्राइवर लापरवाही से बस चला रहे हैं, और परिवहन संस्था का प्रशासन तथा ट्रैफिक पुलिस दोनों जवाबदेही तय करने में नाकाम रहे हैं।

#पुणे#PT24#Pune

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