शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026

अभी सब्सक्राइब करें
प्राइम अलर्ट
सारे लाइव अपडेट

पुणे विद्यापीठ की इंजीनियरिंग परीक्षा में एक ही दिन दो पेपर, छात्र परेशान

पुणे विद्यापीठ की इंजीनियरिंग परीक्षा में एक ही दिन दो पेपर, छात्र परेशान तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
पढ़ाई PT24 टीम

सावित्रीबाई फुले पुणे विद्यापीठ की नवंबर की इंजीनियरिंग परीक्षा के टाइमटेबल में कुछ पेपर एक ही दिन पड़ गए हैं। छात्रों ने बदलाव की मांग की है।

सावित्रीबाई फुले पुणे विद्यापीठ (SPPU) से जुड़े इंजीनियरिंग कॉलेजों के छात्रों ने नवंबर की परीक्षा के टाइमटेबल पर गंभीर चिंता जताई है। वजह यह है कि कुछ पेपर एक ही दिन पर आ गए हैं। कुछ मामलों में तो दो पेपरों के बीच सिर्फ 90 मिनट का फासला है। ऐसे में छात्रों को डर है कि वे तैयारी कैसे संभालेंगे और दोनों पेपर कैसे दे पाएंगे।

विद्यापीठ ने इंजीनियरिंग डिग्री की रेगुलर परीक्षाओं का टाइमटेबल जारी किया है। इसमें पहले, दूसरे और तीसरे साल के छात्रों के बैकलॉग पेपर भी शामिल हैं। दिक्कत यह है कि रेगुलर और बैकलॉग विषय एक ही दिन रखे गए हैं। जिन छात्रों को दोनों तरह के पेपर देने हैं, उनके लिए यह मुश्किल बन गया है।

छात्रों ने टाइमटेबल में बदलाव की मांग की है। उन्होंने विद्यापीठ से कहा है कि एक ही उम्मीदवार के दो पेपर एक दिन में न रखे जाएं। उनका यह भी कहना है कि दो परीक्षाओं के बीच डेढ़ घंटे का फासला दोनों पेपर संभालने के लिए काफी नहीं हो सकता।

कई छात्र संगठनों ने इस बारे में विद्यापीठ को निवेदन सौंपा है। उन्होंने परीक्षा विभाग से तारीखों की समीक्षा करने और जरूरी फेरबदल करने को कहा है। उनकी मांग है कि पेपरों के बीच छात्रों को पर्याप्त वक्त मिले और टाइमटेबल के टकराव की वजह से उन्हें नुकसान न उठाना पड़े।

यह मामला खास तौर पर उन छात्रों के लिए अहम है जो रेगुलर और बैकलॉग, दोनों परीक्षाएं दे रहे हैं। मौजूदा टाइमटेबल के हिसाब से उन्हें थोड़े ही अंतर में दो पेपर देने पड़ सकते हैं।

इस बीच विद्यापीठ के बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन एंड इवैल्युएशन ने अपना पक्ष रखा है। बोर्ड का कहना है कि रेगुलर इंजीनियरिंग पेपरों के बीच एक दिन का गैप रखा गया है। इंजीनियरिंग प्रोग्राम में 48 विषय हैं। अगर रोज सिर्फ एक पेपर लिया जाए तो परीक्षा का दौर करीब डेढ़ से दो महीने तक खिंच जाएगा।

विद्यापीठ ने संकेत दिया है कि टाइमटेबल इस तरह बनाया गया ताकि परीक्षा की प्रक्रिया एक सही अवधि में पूरी हो जाए और छात्रों की पढ़ाई की जरूरतों का भी ध्यान रहे। फिर भी रेगुलर और बैकलॉग पेपरों के इतने पास-पास होने पर जो चिंताएं उठी हैं, उनकी वजह से अब यह टाइमटेबल सवालों के घेरे में आ गया है।

#पुणे#पढ़ाई#PT24#Education#Pune

विज्ञापन

क्या हम इस विज़िट को गिन लें? PT24 गूगल एनालिटिक्स से देखता है कि कौन सी खबरें किस पर पढ़ी जाती हैं। आपके हां कहने तक यह बंद है, आप सोच रहे हैं तब तक कुछ नहीं गिना जाता, और आप 'आप' पर कभी भी अपना मन बदल सकते हैं। हम क्या लेंगे