बकाया ट्रैफिक चालान पर 20 प्रतिशत तक की छूट, महाराष्ट्र कैबिनेट ने दी योजना को मंजूरी
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महाराष्ट्र कैबिनेट ने गुरुवार को ट्रैफिक पुलिस चालान अभय योजना-2026 को मंजूरी दी। बकाया जुर्माने पर एकमुश्त 20 प्रतिशत तक की छूट मिलेगी।
मुंबई, 5 नवंबर 2026: महाराष्ट्र कैबिनेट ने गुरुवार को महाराष्ट्र ट्रैफिक पुलिस चालान अभय योजना-2026 को लागू करने की मंजूरी दे दी। यह एक माफी योजना है, जिसमें बकाया ट्रैफिक जुर्माने पर एकमुश्त 20 प्रतिशत तक की छूट मिलेगी। मकसद यह है कि वाहन चालक अपना बकाया चुका दें और ट्रैफिक नियमों का पालन बढ़े।
यह फैसला मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में लिया गया। योजना को चरणों में लागू किया जाएगा। बकाया ई-चालान और नए जारी होने वाले ई-चालान के लिए छूट की अवधि अलग-अलग रखी गई है।
पहले चरण में 21 जनवरी 2026 से 31 अक्टूबर 2026 के बीच जारी हुए बकाया कंपाउंडेबल ट्रैफिक चालान पर एकमुश्त 20 प्रतिशत तक की छूट दी जाएगी। वाहन चालकों को इस छूट का फायदा लेने के लिए 30 दिन का वक्त मिलेगा।
इसके अलावा 1 नवंबर 2026 से जारी होने वाले चालान पर 20 प्रतिशत की जल्दी भुगतान वाली छूट मिलेगी, बशर्ते जुर्माना चालान जारी होने के 45 दिन के भीतर भर दिया जाए। यह अर्ली बर्ड छूट एक साल तक चालू रहेगी।
तीसरे चरण में 30 जनवरी 2019 से 20 जनवरी 2026 के बीच जारी हुए चालान के बकाया कंपाउंडेबल जुर्माने पर 20 प्रतिशत तक की छूट दी जाएगी। यह उन मामलों के लिए है जिनमें वसूली की कार्रवाई अदालतों के जरिए पहले ही शुरू हो चुकी है। यह छूट 30 दिन तक मिलेगी।
मोटर वाहन अधिनियम 1988 के तहत ट्रैफिक नियम तोड़ने पर वाहन मालिकों और चालकों पर जुर्माना लगाया जाता है। महाराष्ट्र में 30 जनवरी 2019 को 'वन स्टेट, वन चालान' व्यवस्था शुरू की गई थी, ताकि ई-चालान से जुर्माना जारी करना और वसूलना आसान हो। इस व्यवस्था में वाहन चालकों को नियम उल्लंघन और उसके जुर्माने की जानकारी मोबाइल फोन पर मिल जाती है।
बकाया जुर्माना वसूलने के लिए ट्रैफिक पुलिस ने कई कदम उठाए, फिर भी वाहन चालकों की तरफ से रिस्पॉन्स अपेक्षाकृत कम रहा है। इसलिए राज्य सरकार ने दूसरे राज्यों की ऐसी ही पहल को देखते हुए यह छूट योजना लाने का फैसला किया, ताकि जुर्माने की वसूली बढ़े और वाहन चालक नियम मानें।
कैबिनेट ने यह भी तय किया कि छूट योजना की मियाद खत्म होने के बाद बार-बार नियम तोड़ने वाले वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। केंद्रीय मोटर वाहन नियम 1989 के नियम 21 और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के मुताबिक इस कार्रवाई में ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित करना, वाहन से जुड़े लेनदेन पर पाबंदी और वाहन जब्त करना शामिल हो सकता है।
योजना को औपचारिक रूप से लागू करने के लिए अधिसूचना जारी करने को भी कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है।
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