गोकुल चेयरमैन चुनाव: सतेज पाटील की अपील, 29 अक्टूबर की बैठक में सब आएं और कोरम पूरा करें
गोकुल के अध्यक्ष पद के चुनाव से पहले कोरम को लेकर चर्चा तेज है। विधायक सतेज पाटील ने कहा कि सहकार में आदर्श रखना है तो सब बैठक में आएं।
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कोल्हापुर जिला सहकारी दूध उत्पादक संघ, यानी गोकुल, के अध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर नया पेच खड़ा हो गया है। गोकुल की संचालक सभा में 14 संचालकों की मौजूदगी से फोरम पूरा करना जरूरी है। इसलिए कोल्हापुर की राजनीति और सहकार के दायरे में चर्चा चल रही है कि क्या अध्यक्ष के चुनाव में यह नियम अड़चन बन सकता है।
इसी बीच गोकुल में बहुमत हासिल करने वाली राजर्षि शाहू समविचारी शेतकरी आघाडी के नेता और विधायक सतेज पाटील ने अहम और इशारों वाला बयान दिया है। पाटील ने कहा कि सहकार में अगर आदर्श रखना है तो सब लोग अध्यक्ष चुनाव की बैठक में आएं, तकनीकी मुद्दों में न उलझें और लोगों ने जो बहुमत दिया है, उसका ख्याल रखें। यही उनकी विनती है।
पाटील ने साफ किया कि 25 संचालक मिलकर गोकुल का कारोबार अच्छे से चलाएंगे। उन्होंने कहा कि सब मिलकर एकजुट होकर संस्था को आगे बढ़ाएंगे और उम्मीद यही है कि दोबारा चुनाव में न जाना पड़े। उनके मुताबिक गोकुल का नतीजा आ चुका है और बहुमत उनके पक्ष का है। उन्होंने यह भी कहा कि एक वोट से भी आदमी जीत सकता है।
सहकार में काम करने वाले मुश्रीफ साहब हों या कोरे साहब, इसका असर कल महाराष्ट्र में दिख सकता है, यह बात भी पाटील ने कही। इसलिए उन्हें पक्का भरोसा है कि 29 तारीख की बैठक में सब लोग हाजिर रहेंगे और बैठक का फोरम पूरा करेंगे।
पाटील ने अध्यक्ष पद के लिए बड़ा एलान चुनाव से पहले ही कर दिया था। उन्होंने गोकुल के संस्थापक स्वर्गीय आनंदराव पाटील चुयेकर के बेटे शशिकांत पाटील चुयेकर का नाम घोषित किया था। उनका कहना है कि जिन्होंने संस्था को बढ़ाया, उनका बेटा अगर गोकुल का चेयरमैन बनता है तो सब कुछ ठीक होगा। सब लोग कुछ नहीं करेंगे, लेकिन वे इस बारे में सकारात्मक हैं।
गोकुल दूध संघ के चेयरमैन पद का चुनाव 29 अक्टूबर को होना है। शशिकांत पाटील चुयेकर संस्थापक चेयरमैन स्वर्गीय आनंदराव पाटील चुयेकर के बेटे हैं। पिछली बार उनका नाम तय हो गया था, फिर भी उन्हें चेयरमैन पद नहीं मिला था। उस वक्त अरुण डोंगळे की विश्वासघाती राजनीति की वजह से शशिकांत पाटील चुयेकर पद से दूर रह गए थे। उसके बाद जो राजनीतिक उठापटक हुई, उसमें नविद मुश्रीफ को चेयरमैन पद दिया गया था।
यही घटनाक्रम याद रखते हुए सतेज पाटील ने गोकुल के चुनाव में उतरते वक्त शशिकांत पाटील चुयेकर को चेयरमैन पद देने का एलान किया था। चुनावी बिगुल फूंकते हुए पाटील ने कहा था कि सत्ता आने के बाद हम ही उनका सम्मान रखेंगे। अध्यक्ष पद के लिए उन्होंने जो गुलाल और हार लाया था और मंडप भी डाला था, वही गुलाल अब सत्ता लाकर फिर उड़ाना है। इस तरह अब शशिकांत पाटील का चेयरमैन बनने का सपना पूरा होने जा रहा है।
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