एमआईटी विश्वशांति गुरुकुल वर्ल्ड स्कूल: आईबी के चारों प्रोग्राम, बोर्डिंग और 125 एकड़ का कैंपस
लोनी काळभोर के राजबाग में चल रहे इस आईबी स्कूल में नर्सरी से बारहवीं तक पढ़ाई और बोर्डिंग है। फीस, काउंसलर और एआई जैसी कई बातें अभी स्कूल से सीधे पूछकर पक्की करनी होंगी।
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
पुणे-सोलापुर हाईवे पर लोनी काळभोर के राजबाग में एमआईटी विश्वशांति गुरुकुल वर्ल्ड स्कूल (VGWS) है। इसे एमआईटी ग्रुप ऑफ इंस्टिट्यूशंस चलाता है। यह को-एजुकेशनल स्कूल है, यानी लड़के और लड़कियां साथ पढ़ते हैं, और यहां डे स्कूल के साथ बोर्डिंग भी है। नर्सरी से बारहवीं तक की पढ़ाई यहीं होती है। स्कूल की स्थापना 2006 में हुई थी और इंटरनेशनल बैकलॉरिएट (आईबी) की आधिकारिक डायरेक्टरी के मुताबिक यह 12 मई 2006 से आईबी वर्ल्ड स्कूल है। इसका स्कूल कोड IB 002767 है।
स्कूल की वेबसाइट के हिसाब से कैंपस करीब 125 एकड़ का हरा-भरा इलाका है और यहां 30 से ज्यादा देशों के 700 से ज्यादा बच्चे पढ़ते हैं। बोर्डिंग स्कूल्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया की लिस्टिंग में करीब 310 बोर्डर, 260 डे स्कॉलर और 96 टीचिंग स्टाफ बताए गए हैं। ये बाहर से छपे आंकड़े हैं, इन्हें स्कूल के अपने बताए आंकड़ों से अलग रखकर देखना चाहिए।
पुणे के इंटरनेशनल स्कूलों में इसकी सबसे बड़ी खासियत है पूरा आईबी कंटीन्यूअम। यहां प्राइमरी इयर्स प्रोग्राम (PYP), मिडल इयर्स प्रोग्राम (MYP), डिप्लोमा प्रोग्राम (DP) और करियर-रिलेटेड प्रोग्राम (CP), चारों हैं। स्कूल की एडमिशन सामग्री के मुताबिक PYP नर्सरी से पांचवीं तक, MYP छठी से दसवीं तक और DP व CP ग्यारहवीं-बारहवीं के लिए है। MYP की मंजूरी 24 अप्रैल 2018 से दर्ज है, जबकि CP की मंजूरी 14 अक्टूबर 2025 की है। यानी CP नया जुड़ा है, और इससे बच्चा शुरुआत से बारहवीं तक एक ही आईबी सिस्टम में रह सकता है।
डिप्लोमा प्रोग्राम में गणित, फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी, कंप्यूटर साइंस, बिजनेस मैनेजमेंट, इकोनॉमिक्स, साइकोलॉजी, विजुअल आर्ट्स, डिजिटल सोसायटी, अंग्रेजी, हिंदी, फ्रेंच, जर्मन, स्पेनिश और कोरियन लिटरेचर जैसे विषय आईबी रिकॉर्ड में दिखते हैं। थ्योरी ऑफ नॉलेज और एक्सटेंडेड एसे भी इसका हिस्सा हैं। यह ढांचा साइंस-कॉमर्स-आर्ट्स वाले पारंपरिक भारतीय ढांचे से काफी अलग है। किसी विषय का डायरेक्टरी में होना इस बात की गारंटी नहीं कि हर साल उसके सारे कॉम्बिनेशन मिलेंगे। इसलिए पेरेंट्स को पूछना चाहिए कि मौजूदा ग्यारहवीं के बैच में कौन-से कॉम्बिनेशन असल में चल रहे हैं।
स्कूल अपनी पढ़ाई को इन्क्वायरी, वैल्यूज, होलिस्टिक डेवलपमेंट और ग्लोबल सिटिजनशिप पर टिका बताता है और कहता है कि भारतीय सांस्कृतिक जड़ें भी बनी रहती हैं। इसमें गुरु-शिष्य परंपरा का जिक्र है और बच्चों में अनुशासन, सम्मान, जिम्मेदारी, करुणा, आत्म-जागरूकता और नेतृत्व को बढ़ावा देने की बात है। टेक्नोलॉजी में स्कूल की अपनी जानकारी के मुताबिक रोबोटिक्स है, और DP में कंप्यूटर साइंस व डिजिटल सोसायटी हैं। लेकिन एआई को अलग विषय के तौर पर पढ़ाया जाता है या नहीं, यह ग्रेड के हिसाब से जांचना होगा।
खेलकूद में स्कूल के मुताबिक बोर्डिंग के बच्चों को 21 से ज्यादा स्पोर्ट्स प्रोग्राम मिलते हैं, जिनमें तैराकी भी है। बोर्डिंग लड़कों और लड़कियों दोनों के लिए है, अलग-अलग सुविधाओं के साथ। स्कूल का कहना है कि बोर्डिंग पहली क्लास से शुरू होती है, जबकि नर्सरी और केजी के बच्चे डे स्कॉलर रहते हैं। काउंसलर और बच्चे के अनुपात, मौजूदा काउंसलिंग स्टाफ और स्पेशल एजुकेटर की व्यवस्था के बारे में सार्वजनिक जानकारी इतनी नहीं मिली कि कुछ पक्का कहा जा सके, इसलिए ये बातें स्कूल से सीधे पूछनी होंगी।
फीस की जानकारी अलग-अलग थर्ड-पार्टी लिस्टिंग में एक जैसी नहीं है, इसलिए इन्हें आधिकारिक नहीं माना गया है। इनमें डे स्कूल की सालाना फीस करीब 5 से 6 लाख रुपये और बोर्डिंग की 9 से 10 लाख रुपये या उससे ज्यादा बताई गई है। 2026-27 की आधिकारिक फीस स्कूल से ही लेनी होगी, और ट्यूशन, बोर्डिंग, मील, इम्प्रेस्ट, ट्रांसपोर्ट, किताबें और डिपॉजिट का लिखित ब्रेकअप मांगना चाहिए।
एडमिशन स्कूल के मुताबिक रोलिंग बेसिस पर, यानी सीटें भरने तक खुले हैं। ग्रेड के हिसाब से इंटरेक्शन या प्लेसमेंट असेसमेंट होता है, और छठी व उससे ऊपर के लिए न्यूमेरेसी और भाषा का एंट्रेंस असेसमेंट है। पिछले स्कूल के रिकॉर्ड, बर्थ सर्टिफिकेट, पहचान के कागज और मेडिकल फिटनेस की जानकारी मांगी जाती है। स्कूल के समय के बारे में एमआईटी की अलग सीबीएसई स्कूल का 8:30 से 2:30 का समय आईबी स्कूल पर लागू नहीं किया जा सकता, इसलिए असली टाइमटेबल और बोर्डिंग शेड्यूल सीधे स्कूल से लेना चाहिए।
कमेंट
अभी कोई कमेंट नहीं। पहले आप लिखिए।