दिवाली से पहले पुणे के कुम्हार वाडा में हाथ से बने दिये, कंदील और किलों की रौनक
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कसबा पेठ के कुम्हार वाडा में दिवाली की खरीदारी के लिए पुणे के लोग पहुंच रहे हैं। कारीगर हाथ से सजावट का सामान बना रहे हैं।
दिवाली नज़दीक आते ही पुणे के लोग कसबा पेठ के कुम्हार वाडा की गलियों का रुख कर रहे हैं। यहां हाथ से बने दिये, कंदील, देवी-देवताओं की मूर्तियां, रंगोली के स्टैंसिल और दूसरा सामान मिल रहा है। साथ ही हाथ से बने किले और उनकी छोटी मूर्तियां भी बिक रही हैं। यह जानकारी पुणे से 5 नवंबर 2026 की है।
ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर सामान आसानी से मिलने के बावजूद कुम्हार वाडा में हाथ से बनी त्योहारी सजावट के खरीदार आ रहे हैं। यहां के स्थानीय कारीगर, यानी कुम्हार, बारीक पैटर्न, डिज़ाइन और अलग-अलग शैलियों में यह सामान तैयार करते हैं। शहर के अलग-अलग हिस्सों से ग्राहक यहां खिंचे चले आते हैं।
कुम्हार वाडा में त्योहारी सजावट का सामान बेचने वाली सुवर्णा बताती हैं, "हम सब कुछ हाथ से बनाते हैं और इसमें कुल मिलाकर एक महीना लग जाता है। त्योहार के बाद जो सामान बच जाता है, उसे पैक करके अगले साल के लिए रख देते हैं।"
वाडा के अंदर की तरफ जाएं तो किलों के पास सबसे ज़्यादा भीड़ दिखती है। लोग बच्चों के लिए बारीक काम वाले, हाथ से बने रंग-बिरंगे ये किले खरीद रहे हैं और अपनी दिवाली की सजावट में शामिल कर रहे हैं।
किले और मोर, सिपाही, देवी-देवताओं जैसी मूर्तियां बेचने वाली एक और महिला अस्मिता काले ने कहा, "कुछ चीज़ें हाथ से बनती हैं, ग्लिटर और बाकी सब के साथ। कुछ के लिए हम सांचे इस्तेमाल करते हैं, क्योंकि उनकी मांग सबसे ज़्यादा है, इसलिए एक जैसे कई पीस बनाने पड़ते हैं। बनाने में बहुत वक्त लगता है, पहले गढ़ना, फिर रंगना और फिर सुखाना।"
दिवाली के करीब आते ही लोग परिवार और दोस्तों के साथ भी इस मोहल्ले में आ रहे हैं। वे दिये और दूसरी सजावट खरीदकर अपनी त्योहारी खरीदारी पूरी करते हैं।
दुकान पर आईं ग्राहक सुचैता ने कहा, "मैं और मेरी दोस्त दिये खरीदने आए हैं। यहां आकर ज़रूरत का सामान खरीदना बेहतर लगता है। एक तो दाम कम हैं, दूसरे जब हम खुद दिये चुनते हैं, डिज़ाइन आंखों से देखते हैं और बिक रही हर चीज़ के बीच घूमते हैं, तो त्योहार से ज़्यादा जुड़ाव महसूस होता है।"
प्रशांत अपने दफ्तर के लिए पेंटिंग का सामान, दिये और कंदील खरीदने आए थे। उन्होंने कहा, "मैं दफ्तर में होने वाली 'दिया पेंटिंग' गतिविधि के लिए दिये और पेंटिंग का सामान लेने आया हूं। मुझे ऐसे डिज़ाइन चुनने हैं जिन्हें रंगना आसान हो, और इससे अपनापन भी जुड़ता है। मैं एक अंतरराष्ट्रीय कंपनी में काम करता हूं, इसलिए हम अपने सारे त्योहार पूरे जोश से मनाने की कोशिश करते हैं, ताकि जुड़े रहें और अपनी संस्कृति को पूरी तरह सराह सकें।"
दिवाली करीब आने के साथ कुम्हार वाडा त्योहारी सजावट और पारंपरिक हाथ से बने सामान के लिए पुणे के लोगों की पसंदीदा जगह बना हुआ है। कारीगर सामान बनाने और बेचने में लगे हैं और ग्राहक त्योहार की खरीदारी के लिए यहां पहुंच रहे हैं। इससे त्योहारों के इस मौसम में बाज़ार में चहल-पहल बनी हुई है।
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