सूखे के चलते महाराष्ट्र में 304 तालुकाओं की सहकारी संस्थाओं के चुनाव टले
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सहकारिता विभाग के आदेश के तहत सूखा प्रभावित इलाकों की ज्यादातर सहकारी संस्थाओं के चुनाव अगले निर्देश तक रुके रहेंगे।
महाराष्ट्र सरकार ने सूखा प्रभावित जिलों की ज्यादातर सहकारी संस्थाओं के चुनाव आगे बढ़ा दिए हैं। सरकार ने कहा है कि राहत के कामों को पहले रखना है और सूखे से निपटने के जरूरी काम से प्रशासनिक स्टाफ को हटाना ठीक नहीं होगा।
यह फैसला सहकारिता विभाग के एक सरकारी आदेश (GR) में बताया गया, जो मंगलवार देर रात जारी हुआ। आदेश फौरन लागू हो गया है। इसके तहत पात्र सहकारी संस्थाओं के चुनाव जिस चरण में हैं, वहीं रोक दिए गए हैं और अगले आदेश तक रुके रहेंगे। कुछ संस्थाओं को छूट दी गई है।
सरकार का कहना है कि 2026 के खरीफ सीजन में सूखे के हालात व्यापक हैं और किसानों व ग्रामीण इलाकों को राहत देनी है, इसलिए यह कदम उठाया गया।
GR के मुताबिक सूखा प्रबंधन संहिता 2016 के तहत शुरुआती आकलन और कृषि आयुक्त की रिपोर्ट में 265 तालुकाओं में ट्रिगर-1 की स्थिति सामने आई थी। इसके बाद ट्रिगर-1 और ट्रिगर-2 के संकेतकों को जोड़कर किए गए आकलन में सूखा प्रभावित तालुकाओं की संख्या बढ़कर पूरे महाराष्ट्र में 304 हो गई।
प्रभावित इलाकों में राजस्व, कृषि, पशुपालन, सहकारिता, ग्रामीण विकास और जलापूर्ति समेत कई विभाग राहत और बचाव के काम में लगे हैं। सरकार ने कहा कि चुनाव की गतिविधियां जारी रहने से अधिकारी और प्रशासनिक कर्मचारी इन जिम्मेदारियों से हट जाएंगे। सरकार ने यह भी कहा कि सूखे की मुश्किल झेल रहे किसानों और सहकारी संस्थाओं के सदस्यों को चुनाव प्रक्रिया में हिस्सा लेने में काफी परेशानी हो सकती है।
आदेश में कुछ संस्थाओं को छूट मिली है। इनमें सहकारी आवास संस्थाएं हैं, वे संस्थाएं हैं जिनके चुनाव कराने का हाई कोर्ट या सुप्रीम कोर्ट ने खास तौर पर निर्देश दिया है, और वे संस्थाएं भी हैं जिनमें GR जारी होने से पहले नामांकन का चरण शुरू हो चुका था। सरकार ने प्रभावित संस्थाओं के लिए कोई एक नई तारीख घोषित नहीं की है। जिन चुनावों पर रोक लगी है, वे अगले निर्देश तक रुके रहेंगे।
इस फैसले का असर जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों (DCCB) के चुनावों पर भी पड़ा है। ये बैंक ग्रामीण कर्ज और खेती के वित्त में अहम भूमिका निभाते हैं। अहिल्यानगर में बैंक की 21 में से 11 सीटें पहले ही निर्विरोध भरी जा चुकी थीं और बाकी 10 सीटों के चुनाव बचे थे। सातारा में 21 में से 9 सीटें निर्विरोध भरी थीं और 12 सीटों पर मुकाबला होना था। सरकार ने कहा कि दोनों बैंकों की बची सीटों के चुनाव छह महीने के लिए टाल दिए गए हैं। निर्विरोध भरी सीटों की स्थिति टाले गए चुनावों से अलग है।
सरकार इससे पहले 25 सितंबर और 14 अक्टूबर के GR के जरिए 304 सूखा प्रभावित तालुकाओं के लिए राहत के कदम घोषित कर चुकी है। इनमें फसल कर्ज का पुनर्गठन, खेती के कर्ज की वसूली पर रोक, खेती के पंपों के चालू बिजली बिल की माफी, टैंकर से पीने का पानी, मवेशियों के लिए चारे की उपलब्धता और रोजगार गारंटी योजना के तहत रोजगार के ज्यादा मौके शामिल हैं।
इसके अलावा राज्य मंत्रिमंडल ने मंगलवार को दिवाली से पहले सूखाग्रस्त तालुकाओं के करीब 1.5 करोड़ पात्र किसानों को 5,000 रुपये प्रति किसान अग्रिम देने को मंजूरी दी। इस मदद के लिए सरकार ने 7,500 करोड़ रुपये रखे हैं, जो सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजे जाएंगे। जिन किसानों की फसल को 33 प्रतिशत से ज्यादा नुकसान हुआ है, वे इस रकम के पात्र होंगे।
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