बुधवार, 4 नवंबर 2026

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सूखे के कारण राज ठाकरे का फैसला: इस साल शिवाजी पार्क में मनसे का दीपोत्सव नहीं होगा

सूखे के कारण राज ठाकरे का फैसला: इस साल शिवाजी पार्क में मनसे का दीपोत्सव नहीं होगा तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
कल्चर PT24 संस्कृति डेस्क

महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना प्रमुख राज ठाकरे ने बुधवार को वीडियो संदेश में कहा कि सूखे के हालात में इस बार दीपोत्सव नहीं होगा। उन्होंने लोगों से दिवाली संयम से मनाने की अपील की।

मुंबई। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना यानी मनसे के प्रमुख राज ठाकरे ने बुधवार, 4 नवंबर 2026 को साफ कर दिया कि इस बार शिवाजी पार्क में पार्टी का दीपोत्सव नहीं होगा। हर साल दिवाली पर मुंबई के छत्रपति महाराज शिवाजी पार्क मैदान में होने वाला यह आयोजन इस साल रद्द रहेगा। ठाकरे ने इसकी वजह राज्य में पड़े भयानक सूखे को बताया।

राज ठाकरे ने यह बात एक वीडियो संदेश में रखी, जिसे उन्होंने एक्स पर भी पोस्ट किया। उन्होंने कहा कि दीपोत्सव न करने का फैसला पार्टी ने सबकी तरफ से मिलकर लिया है। यह ऐलान ऐसे वक्त आया है जब दिवाली कल से शुरू हो रही है, बाजार सज चुके हैं और लोग खरीदारी में लगे दिख रहे हैं।

फैसले के पीछे सूखे की जो तस्वीर है, वह काफी गंभीर है। राज्य सरकार 85 प्रतिशत से ज्यादा तालुकाओं को सूखा-प्रभावित घोषित कर चुकी है। अनुमान है कि करीब 141.53 लाख हेक्टेयर में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचा है। इसमें बिना सिंचाई वाली खेती, सिंचाई वाली खेती और फलों के बाग, तीनों शामिल हैं। बारिश इस साल कम हुई और असर बहुत बड़े इलाके में दिख रहा है।

मनसे का दीपोत्सव दिवाली के मौके पर मुंबई के बड़े आयोजनों में गिना जाता है। शिवाजी पार्क और आसपास के इलाके में सजावटी रोशनी लगती है और उसके साथ तालमेल बिठाकर आतिशबाजी होती है। हजारों लोग इसे देखने पहुंचते हैं। ठाकरे ने वीडियो में याद दिलाया कि हर साल यहां खूब रौनक रहती है और मुंबई, ठाणे से लेकर राज्य के दूर-दराज के कोनों तक से लोग खास इसी के लिए आते हैं। उनके मुताबिक इस साल इसे बंद रखने की इकलौती वजह वह सूखा है जो महाराष्ट्र में आया, जो अब भी बना हुआ है और आगे और बढ़ने वाला है। ऐसे सूखे के बीच इस तरह का त्योहार मनाने के लिए उनका मन राजी नहीं हुआ।

ठाकरे ने कहा कि कई गांवों में पानी का सवाल खड़ा हो गया है, किसान काफी दबाव में हैं और फसल बर्बाद होने के साथ आर्थिक मुश्किलें भी बढ़ रही हैं। सूखा-प्रभावित इलाकों से बहुत से लोग रोजी-रोटी की तलाश में शहरों की ओर जा रहे हैं। उन्होंने अपनी बात इन शब्दों में रखी: "आज महाराष्ट्र एक बहुत अजीब दौर से गुजर रहा है। ऐसे में जब हम दिवाली धूमधाम से मनाते हैं, तो गांव में रहने वाले हमारे भाई-बहनों और उनके छोटे बच्चों को कैसा लगेगा? मुझे लगता है कि इस पर हमें खुद सोचना चाहिए।"

इसके बाद राज ठाकरे ने सत्ताधारी पार्टी को भी आड़े हाथों लिया। उनका कहना था कि मुख्यमंत्री खुद बता चुके हैं कि यह सूखा 1972 के सूखे से भी ज्यादा गंभीर होगा। इसके बावजूद सत्ताधारी पार्टी के नेताओं ने बात को गंभीरता से नहीं लिया और गरबा खेलने में लगे रहे। ठाकरे ने कहा कि यह उनका अपना मामला है, पर ऐसे हालात में दिवाली मनाना और इस तरह का दीपोत्सव करना उन्हें अंदर से ठीक नहीं लगता, इसीलिए यह फैसला लिया गया।

सरकार की तरफ से क्या हुआ है, यह भी रिपोर्ट में दर्ज है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस दिवाली से पहले पात्र किसानों को 5,000 रुपये की अंतरिम आर्थिक मदद देने का ऐलान पहले ही कर चुके हैं। सूखा-प्रभावित इलाकों में राहत के कदम शुरू हो गए हैं और सरकार फसल के नुकसान तथा जरूरी आर्थिक सहायता का आकलन कर रही है।

ठाकरे ने आने वाले दिनों को लेकर चेताया कि कई जगहों से लोगों के झुंड के झुंड गांव छोड़कर शहरों की तरफ आने को मजबूर होंगे, और शहरों के हालात तो अभी से सामने हैं। उनके मुताबिक ऐसे माहौल में बड़े पैमाने पर जश्न मनाना उन्हें ठीक नहीं लगा, और लोगों को भी ऐसा ही लगना चाहिए। इसी वजह से उन्होंने जनता से विनम्र अपील की।

उन्होंने यह भी साफ किया कि वे दिवाली को फीका या मातमी बनाने को नहीं कह रहे। उनके शब्द थे: "हमें काली दिवाली नहीं मनानी है, लेकिन उस उत्साह पर थोड़ा काबू रखना होगा।" ठाकरे के अनुसार पटाखे फोड़ते वक्त और रोशनी की सजावट करते वक्त खुद को रोकना जरूरी है, यानी यह अपने ऊपर संयम रखने की बात है। उन्होंने याद दिलाया कि सब महाराष्ट्र के नागरिक हैं और राज्य से प्यार करते हैं, इसलिए अपने लोग झुलस रहे हों तो बड़ा जश्न मनाना ठीक नहीं।

तो फिर दिवाली कैसे मनाई जाए? इस पर ठाकरे की सलाह सीधी है: घर के बाहर कंदील लगाएं, मिठाई और पकवान बांटें, बाकी जो भी जरूरी है वह करें, मगर भारी रोशनी की सजावट और पटाखों पर लगाम रखें।

राज ठाकरे ने उम्मीद जताई कि अगले साल हालात सुधर जाएंगे और इसके लिए ईश्वर से प्रार्थना भी की। उन्होंने कहा कि तब पार्टी फिर पूरे जोश के साथ दिवाली और दीपोत्सव मनाएगी। संदेश के आखिर में उन्होंने अपनी ओर से, अपनी पार्टी की ओर से और अपने परिवार की ओर से सभी को दिवाली की दिल से शुभकामनाएं दीं।

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