दीपोत्सव विशेष सभी पाठकों को रोशनी के त्योहार की बहुत-बहुत शुभकामनाएं!

रविवार, 8 नवंबर 2026

अभी सब्सक्राइब करें
प्राइम अलर्ट
सारे लाइव अपडेट

राउत बोले, किसानों के घर एक दिन की दिवाली से दुख कम नहीं होगा, सरकार ठोस फैसले ले

सियासत PT24 राजनीति डेस्क

उद्धव ठाकरे गुट के सांसद संजय राउत ने कहा कि मुख्यमंत्री का किसानों के घर जाना अच्छी सोच है, पर एक दिन से किसानों के सवाल नहीं सुलझेंगे। प्रधानमंत्री के सैनिकों के साथ दिवाली मनाने पर भी उन्होंने सवाल उठाए।

मुख्यमंत्री और दूसरे मंत्रियों ने इस बार किसानों के घर जाकर दिवाली मनाने का संकल्प लिया है। देवेंद्र फडणवीस नागपुर जिले में एक किसान के घर गए और वहां रुके। राजस्व मंत्री चंद्रकांत बावनकुले समेत दूसरे मंत्रियों ने भी यही रास्ता अपनाया। उधर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सैनिकों के साथ दिवाली मनाने वाले हैं। इस पर उद्धव ठाकरे गुट के सांसद संजय राउत ने आज प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक इवेंट बनकर न रह जाए।

राउत के मुताबिक सभी मंत्री और मुख्यमंत्री किसानों के घर जाकर दिवाली मनाएंगे, यह सोच अच्छी है। उन्होंने कहा कि राज्य में सूखा है और किसानों में बेचैनी है। राउत ने कहा कि अब मंत्रियों को जाकर देखना चाहिए कि सरकार ने जो 5,000 रुपये की मदद दी है, वह काफी है या नहीं। किसानों के घर और खेत की मेड़ तक पहुंचने पर उन्हें यह पता चल जाएगा।

राउत ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री के किसानों के घर दिवाली मनाने पर उनकी आलोचना करने का कोई मतलब नहीं है। उनके अनुसार यह सरकार की कोशिश है कि वह दिखाए कि वह किसानों के साथ है। लेकिन राउत ने कहा कि किसान के घर एक दिन दिवाली मनाने से उसका दुख कम नहीं होगा और उसके सवाल खत्म नहीं होंगे। सरकार को बहुत ठोस फैसले लेने पड़ेंगे। राउत ने कहा कि सरकार को बार-बार किसानों के घर और खेत तक पहुंचना पड़ेगा, इतना ही वे कहते हैं।

प्रधानमंत्री के बारे में राउत ने कहा कि वे पिछले कुछ सालों से सैनिकों के साथ दिवाली मनाते आ रहे हैं। पर सैनिकों के साथ दिवाली मना लेने से न चीन की घुसपैठ रुकती है, न पुलवामा और पहलगाम जैसी घटनाएं रुकती हैं, यह सवाल राउत ने उठाया। उन्होंने कहा कि यह एक दिन का कार्यक्रम है, फिर आगे क्या।

मुख्यमंत्री के किसान के घर दिवाली मनाने को लेकर राउत ने कहा कि इसमें नया क्या है, पहले के मुख्यमंत्रियों ने भी ऐसे कार्यक्रम किए हैं। उनके मुताबिक इसमें खास तारीफ करने जैसा कुछ नहीं, क्योंकि यह मुख्यमंत्री और शासकों का कर्तव्य ही है। किसानों की हालत जाकर देखनी चाहिए। राउत ने कहा कि मुख्यमंत्री किसान के घर पालथी मारकर दिवाली का नाश्ता कर रहे हैं, पर क्या यह नाश्ता सच में उस किसान के घर बना या जिलाधिकारी ने दिया है, यह सवाल भी उन्होंने पूछा।

#मुंबई#सियासत#PT24#Politics#Mumbai

विज्ञापन

क्या हम इस विज़िट को गिन लें? PT24 गूगल एनालिटिक्स से देखता है कि कौन सी खबरें किस पर पढ़ी जाती हैं। आपके हां कहने तक यह बंद है, आप सोच रहे हैं तब तक कुछ नहीं गिना जाता, और आप 'आप' पर कभी भी अपना मन बदल सकते हैं। हम क्या लेंगे