तटकरे को उपमुख्यमंत्री बनना था, पार्टी पर कब्जा करना था: शिंदे सेना विधायक थोरवे का आरोप
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शिंदे सेना के विधायक महेंद्र थोरवे ने आरोप लगाया है कि अजित पवार के निधन के बाद राष्ट्रवादी के प्रदेशाध्यक्ष सुनील तटकरे ने विधायकों को गुप्त फोन किए थे। थोरवे का कहना है कि तटकरे उपमुख्यमंत्री बनना चाहते थे, वित्त खाता अपने पास रखना चाहते थे और राष्ट्रवादी पार्टी पर कब्जा करना चाहते थे। महाराष्ट्र की नजर अब इस पर है कि तटकरे क्या जवाब देते हैं।
थोरवे ने कहा कि सुनील तटकरे झूठे आदमी हैं और कपटी चाल चलने वाले हैं। उनके मुताबिक अजितदादा के जाने के उसी दिन तटकरे ने सभी विधायकों को फोन किए और कोशिश की कि विधायक उनके साथ आ जाएं। थोरवे के अनुसार प्रदेशाध्यक्ष होने के नाते तटकरे उपमुख्यमंत्री पद और वित्त खाता अपने हाथ में लेना चाहते थे, और पार्टी भी अपने कब्जे में करना चाहते थे।
थोरवे ने दावा किया कि दुख का पहाड़ टूटा हुआ था, फिर भी सुनेत्रा भाभी बेहद अलर्ट थीं। उन्होंने तीसरे ही दिन शपथ ले ली और यह मामला टल गया।
थोरवे ने तटकरे को कपटी और धूर्त आदमी भी कहा। उनका कहना है कि अजितदादा के जाने के बाद तटकरे ने दादा के घात पर एक शब्द नहीं बोला, चूं तक नहीं की। अब तटकरे यूटर्न लेकर यह हल्ला मचा रहे हैं कि अजितदादा ने उन्हें सब बताया था। थोरवे ने दावा किया कि तटकरे झूठ बोल रहे हैं।
थोरवे ने कहा, मुझे मिली जानकारी के मुताबिक अजितदादा और शरद पवार गुट के बीच विलय के लिए 13 बैठकें हुई थीं। अजित पवार ने शरद पवार और पवार गुट के दूसरे वरिष्ठ नेताओं से बातचीत की थी। उनके अनुसार अजितदादा ने भरोसेमंद साथी के तौर पर इनमें से किसी भी बैठक में तटकरे को एक बार भी साथ नहीं लिया। थोरवे ने कहा कि आप खुद जानकारी लेकर देख लीजिए, और तटकरे अब झूठ बोल रहे हैं।
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