मुंब्रा में 20 दिन के नवजात की बिक्री का भंडाफोड़, रत्नागिरी से बच्चा छुड़ाया, 10 आरोपी गिरफ्तार
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मुंब्रा पुलिस ने 20 दिन के नवजात की खरीद-फरोख्त का मामला पकड़ा है। बच्चे को रत्नागिरी से सुरक्षित छुड़ाया गया। 10 आरोपी गिरफ्तार हुए हैं और दो संदिग्ध हिरासत में हैं।
मुंब्रा में सिर्फ 20 दिन के नवजात बच्चे की खरीद-फरोख्त का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। बच्चे का सौदा पहले ढाई लाख रुपये में हुआ था, लेकिन बात आगे बढ़ते-बढ़ते साढ़े छह लाख रुपये तक पहुंच गई। बच्चे को जालना से रत्नागिरी तक बेचने का सिलसिला चल रहा था। मुंब्रा पुलिस ने इस मामले का भंडाफोड़ करते हुए बच्चे को सुरक्षित अपने कब्जे में लिया और दस आरोपियों को गिरफ्तार किया। इसी मामले में दो और संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है। इस कार्रवाई से नवजात बच्चों को बेचने के एक बड़े रैकेट का पता चला है।
शिकायत करने वाली महिला अनिसा रफीक शेख कलवा के शांतीनगर इलाके में रहती हैं और मुंब्रा रेलवे स्टेशन पर भीख मांगती हैं। उनके 20 दिन के बच्चे को बेच दिया गया। अनिसा के आरोप के मुताबिक रेहान रिजवान शेख ने इसके लिए उन पर दबाव डाला। बच्चे का सौदा ढाई लाख रुपये में हुआ। मामला बाहर न आए, इसलिए शिकायतकर्ता को 1 लाख 95 हजार रुपये दिए गए। यह भी सामने आया है कि बच्चा बेचने के लिए मां पर दबाव डाला गया और सौदे की रकम भी छीन ली गई। मां और उनकी बहन को तार से बुरी तरह पीटकर पैसे छीने गए। अनिसा ने 5 नवंबर को मुंब्रा पुलिस थाने पहुंचकर आरोपियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई।
मामले की गंभीरता देखकर पुलिस उपायुक्त बालासाहेब पाटील ने बच्चे को सुरक्षित वापस लाने के लिए टीम बनाई। वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक गणेश जवादवाड ने जांच के लिए पांच अलग-अलग टीमें गठित कीं। महिला पुलिस निरीक्षक वृषाली पवार, पुलिस निरीक्षक शरद कुंभार और प्रशांत पाटील, सहायक पुलिस निरीक्षक तेजस सावंत और राम दलवी ने जांच को रफ्तार दी। पुलिस ने मुंब्रा, दिवा, डोंबिवली, कल्याण और जालना में कार्रवाई की। जांच में पता चला कि बच्चा मुंब्रा से कल्याण और दिवा से रत्नागिरी तक पहुंचाया गया था। रत्नागिरी से उसे सुरक्षित छुड़ा लिया गया। अदालत ने सभी गिरफ्तार आरोपियों को 10 नवंबर तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया है।


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