मुंबई: नाबालिग लड़कों से कथित तौर पर ड्रग बिकवाने के आरोप में 60 साल की महिला गिरफ्तार
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कस्तूरबा मार्ग पुलिस ने बोरीवली के एक परिवार की 60 साल की महिला और उसकी 32 साल की बहू को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि वे गरीब परिवारों के नाबालिग लड़कों से हेरोइन बिकवाती थीं।
मुंबई में कस्तूरबा मार्ग पुलिस ने बोरीवली के एक परिवार पर नशे का नेटवर्क चलाने के आरोप में शिकंजा कसा है। आरोप है कि यह परिवार आर्थिक रूप से कमजोर घरों के नाबालिग लड़कों को कूरियर या खच्चर की तरह इस्तेमाल करता था। पुलिस ने 60 साल की एक महिला को गिरफ्तार किया है, जिसे इस पूरे रैकेट की कथित मास्टरमाइंड बताया जा रहा है। उसकी 32 साल की बहू भी गिरफ्तार की गई है।
मुख्य आरोपी का नाम रेहाना अब्दुल हमीद मुल्लानी उर्फ रालियप्पा है। पुलिस उसे आदतन ड्रग तस्कर बताती है, जो 2008 से इस धंधे में है। एक अधिकारी के मुताबिक रेहाना ने ऐसे घरों को निशाना बनाकर अपना नेटवर्क खड़ा किया, जहां कोई गंभीर बीमार था और परिवार इलाज के पैसे जुटाने में परेशान था। फिर वह इन परिवारों के नाबालिग लड़कों को हेरोइन बेचने के काम पर लगा देती थी।
अधिकारी ने बताया, "वह करीब 100 छोटी पुड़ियों वाला एक बंडल बेचने पर इन बच्चों को 1000 रुपये देती थी। हर पुड़िया में लगभग 3 से 4 ग्राम ड्रग होता था। ये बच्चे मुख्य रूप से संजय गांधी नेशनल पार्क के पास दौलत नगर की झुग्गी बस्तियों और बोरीवली व दहिसर पूर्व के कुछ हिस्सों में काम करते थे।"
पुलिस को सफलता अक्टूबर में मिली, जब उसने एक महिला को 32 ग्राम हेरोइन के साथ पकड़ा। पूछताछ में उसने कथित तौर पर बताया कि यह माल उसने रेहाना और उसकी बहू फरीदा मुल्लानी से लिया था।
इसके बाद पुलिस ने दोनों महिलाओं की तलाश शुरू की। वे परिवार के दूसरे सदस्यों के साथ फरार हो गई थीं। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने दोनों को एसवी रोड पर दहिसर मार्केट के पास एक एसआरए इमारत में ढूंढ निकाला और 2 नवंबर को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के मुताबिक रेहाना मस्जिद बंदर से नशीला माल लाती थी, उसे छोटी पुड़ियों में बांटती थी और फिर नाबालिगों के जरिए उसकी बिक्री कराती थी। पुलिस रेहाना के दो बेटों और एक पोते से भी पूछताछ कर रही है, जिन पर नशे के कारोबार में शामिल होने का शक है। कहा जा रहा है कि परिवार बोरीवली और दहिसर में यह धंधा चलाता है।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार रेहाना के खिलाफ 18 से ज्यादा आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें ड्रग तस्करी के चार, शरीर के खिलाफ अपराध के पांच, सरकारी कर्मचारियों पर हमले के दो, दंगे के तीन और संपत्ति से जुड़े अपराध के तीन मामले शामिल हैं। उसे पहले दो बार इलाके से जिलाबदर भी किया जा चुका है।
यह कार्रवाई अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (उत्तर क्षेत्र) शशिकुमार मीणा, पुलिस उपायुक्त (जोन 3) गजानन राजमाने, दहिसर डिवीजन के एसीपी जयराज रणावरे और सीनियर इंस्पेक्टर बालासाहेब बनकर के मार्गदर्शन में की गई।
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