मेयर ऋतु तावड़े के दखल के बाद आज़ाद मैदान में हेल्थ वर्करों ने आंदोलन खत्म किया
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नेशनल अर्बन हेल्थ मिशन के आउटसोर्स कर्मचारियों ने गुरुवार शाम धरना वापस ले लिया। मुंबई की मेयर ऋतु तावड़े ने प्रशासन को मांगों पर कदम उठाने को कहा था।
मुंबई में नेशनल अर्बन हेल्थ मिशन (NUHM) के तहत काम करने वाले आउटसोर्स हेल्थ वर्करों ने गुरुवार शाम अपना आंदोलन खत्म कर दिया। ये कर्मचारी ठेकेदार DS Enterprises के जरिए नियुक्त हैं। मुंबई की मेयर ऋतु तावड़े के दखल के बाद यह फैसला हुआ।
ये वर्कर 31 अगस्त 2026 से आज़ाद मैदान में धरने पर बैठे थे। उनकी कई मांगें लंबित थीं। गुरुवार को आंदोलनकारी कर्मचारियों का एक प्रतिनिधिमंडल बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) मुख्यालय में मेयर के दफ्तर में तावड़े से मिला। प्रतिनिधिमंडल ने आंदोलन वापस लेने की घोषणा करने वाला एक पत्र भी सौंपा।
इससे पहले तावड़े खुद धरना स्थल पर गई थीं। वहां उन्होंने वर्करों से बात की और उनकी शिकायतें सुनीं। इसके बाद उन्होंने नगर प्रशासन को निर्देश दिया कि मांगों पर सकारात्मक कदम उठाए जाएं।
प्रशासन की ओर से उठाए गए कदमों में आउटसोर्स महिला कर्मचारियों के लिए 180 दिन की पेड मैटरनिटी लीव को मंजूरी देना शामिल है। यह फैसला महिलाओं की मातृत्व से जुड़ी जिम्मेदारियों और आर्थिक सुरक्षा को ध्यान में रखकर किया गया। इसकी घोषणा पहले हो चुकी थी।
आउटसोर्स वर्करों के संशोधित न्यूनतम वेतन का प्रस्ताव विचार के लिए मुख्य श्रम अधिकारी और वित्त विभाग को भेजा गया है। वेतन में देरी की शिकायतों पर BMC ने ठेकेदार के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई भी की है।
ऐसी समस्याओं का स्थायी हल निकालने के लिए एक विशेष शिकायत निवारण समिति बनाई जाएगी। प्रशासन ने पुष्टि की है कि वर्करों को सितंबर 2026 तक का वेतन दिया जा चुका है।
वर्कर यह भी चाहते थे कि कोविड-19 महामारी के दौरान मुंबई के लोगों को सेवा देने वाले अनुभवी हेल्थ कर्मचारियों को एकमुश्त नीति के तहत सरकारी सेवा में लिया जाए। इसके अलावा उन्होंने दिवाली एक्स-ग्रेशिया या बोनस की भी मांग की थी। इन मांगों पर BMC ने महाराष्ट्र सरकार को पत्र लिखा है और साफ किया है कि ये राज्य सरकार के स्तर के नीतिगत फैसले हैं।
प्रतिनिधिमंडल ने मेयर के दखल और नगर प्रशासन के कदमों पर संतोष जताया। प्रतिनिधियों ने मेयर और BMC अधिकारियों का आभार माना और आंदोलन वापस लेने की औपचारिक पुष्टि की।
प्रतिनिधिमंडल में स्वराज्य संगठन के युवा अध्यक्ष संतोष कदम, सचिव राहुल पाटिल, साथ ही गिरीश सुर्वे, परेश मेटकर, दीपक चव्हाण, प्रवीण चव्हाण, पंकज धाडवे, हर्षदा डुंबरे, प्रतीक्षा भागवत, रेश्मा कोचले और सुमन शिगवण शामिल थे।
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