दिवाली से पहले मुंबई के सभी वार्डों में 7 नवंबर तक चलेगा खास सफाई अभियान
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बृहन्मुंबई महानगरपालिका ने सड़कों की धूल और हवा के प्रदूषण को काबू में रखने के लिए हर वार्ड को 15 लाख रुपये दिए हैं। अभियान 28 अक्टूबर से 7 नवंबर तक चलेगा।
बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने दिवाली से पहले मुंबई में सड़कों की धूल घटाने और हवा के प्रदूषण को काबू में रखने के लिए खास सफाई अभियान की तैयारी की है। इसके लिए हर वार्ड को 15 लाख रुपये दिए गए हैं। अभियान 28 अक्टूबर से 7 नवंबर तक चलेगा।
अभियान में मुख्य बड़ी सड़कों और धूल वाले इलाकों पर ज़ोर रहेगा। त्योहार से पहले यहां गहन सफाई, मशीन से झाड़ू, धूल हटाने और पानी के छिड़काव का काम होगा। BMC ने सभी वार्डों को निर्देश दिया है कि सर्दी के मौसम में सड़क की धूल पर रोक लगाने और मुंबई के एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) को संभाले रखने के लिए यह एहतियाती कदम उठाया जाए।
जिन सड़कों को चुना गया है, उनमें BKC कनेक्टर, सांताक्रूज़-चेंबूर लिंक रोड (SCLR), ईस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे, वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे, जोगेश्वरी-विक्रोली लिंक रोड (JVLR), घाटकोपर-मानखुर्द रोड, SV रोड, लिंक रोड, कार्टर रोड और सायन-मानखुर्द रोड शामिल हैं।
अभियान के तहत सड़कों की गहन सफाई और खुरचाई होगी। इसमें डिवाइडर, मीडियन, ट्रैफिक आइलैंड, फुटपाथ और किनारे के पत्थर भी साफ किए जाएंगे। सड़क किनारे जमा धूल और गाद हटाई जाएगी, और अफसरों से कहा गया है कि कचरा जल्दी उठाया जाए और सुरक्षित तरीके से ठिकाने लगाया जाए।
ज़रूरत के हिसाब से मैकेनिकल पावर स्वीपर, कचरा उठाने वाली मशीनें, JCB, डंपर, मिस्टिंग मशीनें और पानी छिड़कने वाले टैंकर लगाए जाएंगे। धूल वाली जगहों पर पानी का छिड़काव और मिस्टिंग होगी। काम विभाग के अपने और ठेके के कर्मचारियों से कराया जाएगा।
BMC ने सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट (SWM) विभाग के असिस्टेंट इंजीनियरों को कहा है कि वे अपने-अपने असिस्टेंट कमिश्नरों के साथ मिलकर जगहें तय करें और रोज़ का एक्शन प्लान बनाएं। काम पर लगे कर्मचारियों को यूनिफॉर्म, सुरक्षा के साधन, सफाई के औज़ार और ज़रूरी सेफ्टी उपकरण देना होगा।
अभियान पर नज़र रखने के लिए असिस्टेंट इंजीनियर, असिस्टेंट हेल्थ ऑफिसर और दूसरे निगरानी स्टाफ रोज़ का रिकॉर्ड रखेंगे। इसमें यह दर्ज होगा कि कौन-सी जगह साफ हुई, क्या काम हुआ, कितने लोग लगे, कौन-सी मशीनें तैनात रहीं और कितनी धूल व कचरा उठाया गया।
हर वार्ड को रोज़ की रिपोर्ट जमा करनी होगी, जिसके साथ जियो-टैग की हुई पहले और बाद की फोटो और वीडियो क्लिप लगानी होंगी। रिपोर्ट में मशीनों की उपलब्धता, तैनाती का शेड्यूल और अतिरिक्त मशीन व कर्मचारियों की ज़रूरत का ब्योरा भी होगा।
SWM विभाग के ज़ोनल एक्ज़ीक्यूटिव इंजीनियर और वार्ड स्तर के इंजीनियर मौजूदा ठेके से ज़्यादा की ज़रूरत का आकलन करेंगे, अतिरिक्त संसाधन जुटाने में तालमेल बिठाएंगे और जहां ज़रूरी हो मंज़ूरी के लिए प्रस्ताव भेजेंगे। SWM विभाग के चीफ इंजीनियर ऑपरेशंस टीम के ज़रिए अभियान की प्रगति एक जगह जमा करेंगे, जिसमें कवर की गई जगहें, तैनात मशीनें, जमा की गई मात्रा और फोटो-वीडियो दस्तावेज़ शामिल होंगे।
BMC के जनसंपर्क अधिकारी को भी कहा गया है कि वे नागरिकों को जानकारी देने के लिए अभियान की प्रगति और नतीजों की सत्यापित जानकारी समय-समय पर मीडिया से साझा करें। असिस्टेंट कमिश्नरों और ज़ोनल डिप्टी म्युनिसिपल कमिश्नरों से कहा गया है कि वे सक्रिय मार्गदर्शन दें और अमल पर नज़र रखें, ताकि ज़मीन पर नतीजे दिखें।
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