जोगेश्वरी में 79 साल के रिटायर्ड BARC कर्मचारी से 13.3 लाख की कथित डिजिटल अरेस्ट ठगी
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
मुंबई के जोगेश्वरी वेस्ट में रहने वाले 79 साल के रिटायर्ड BARC कर्मचारी से साइबर ठगों ने कथित तौर पर 13.3 लाख रुपये ठग लिए। नॉर्थ साइबर पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज है।
मुंबई के जोगेश्वरी वेस्ट में रहने वाले 79 साल के एक रिटायर्ड कर्मचारी के साथ साइबर ठगों ने कथित तौर पर 13.3 लाख रुपये की ठगी की है। वे भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर (BARC) से रिटायर हुए थे। अधिकारियों के मुताबिक आरोपियों ने खुद को मुंबई क्राइम ब्रांच का अफसर बताया था।
नॉर्थ साइबर पुलिस ने बताया कि मामला 26 सितंबर को शुरू हुआ। उस दिन संदीप रॉय नाम से अपनी पहचान बताने वाले एक शख्स ने बुजुर्ग को WhatsApp पर संपर्क किया। आरोप है कि उसने उनसे कहा कि उनका आधार कार्ड नासिक में दर्ज मनी लॉन्ड्रिंग के एक केस से जुड़ा पाया गया है।
पुलिस के मुताबिक अपनी बात सच दिखाने के लिए आरोपी ने कथित तौर पर उन्हें फर्जी कागजात भेजे। इन पर रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) और प्रवर्तन निदेशालय (ED) के लोगो लगे थे। साथ में गिरफ्तारी का एक वारंट भी भेजा गया।
आरोप है कि इसके बाद ठग ने बुजुर्ग से कहा कि उनके बैंक डिपॉजिट, फिक्स्ड डिपॉजिट और म्यूचुअल फंड के निवेश की जांच करनी होगी। जांच के नाम पर उन्हें यह पैसा बताए गए बैंक खातों में ट्रांसफर करने को कहा गया।
बुजुर्ग को गिरफ्तारी की धमकी दी गई और यह भी कहा गया कि यह बात किसी को न बताएं। आरोप है कि उन्हें इस तरह डिजिटल अरेस्ट में रखा गया और कई ट्रांजैक्शन के जरिए उनसे उनकी पूरी जमा पूंजी ट्रांसफर करवा ली गई।
ठगी का पता तब चला जब बुजुर्ग की पत्नी ने इन ट्रांजैक्शन पर सवाल उठाया। उन्होंने पति को बताया कि यह डिजिटल अरेस्ट वाली ठगी हो सकती है। इसके बाद बुजुर्ग को समझ आया कि उनके साथ धोखा हुआ है, और उन्होंने साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत के बाद सोमवार, 2 नवंबर को नॉर्थ साइबर पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज की गई। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
खबर में किसी की गिरफ्तारी का जिक्र नहीं है। अभी सिर्फ यही बताया गया है कि FIR दर्ज हुई है और पुलिस जांच कर रही है। आरोप हैं और जांच में ही साफ होगा कि असल में क्या हुआ था।
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